जागरण संवाददाता, करनाल: शहर के सेक्टर-6 चौक से ट्रैफिक मूवमेंट के आइसीसीसी (इंटाग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) में लाइव टेस्टिग के बाद अब 29 जंक्शन के साथ पूरा शहर जनवरी के अंत तक कैमरे और ट्रैफिक लाइट से लेस हो जाएगा। वीरवार को डा. मंगलसेन सभागार में उपायुक्त एवं करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ निशांत कुमार यादव ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर समीक्षा करते यह जानकारी दी।

सीईओ ने बताया कि कैमरे और ट्रैफिक लाइटों का काम मुकम्मल हो जाने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले को चालान से बचना मुश्किल होगा। चौक पर लगाई जा रही स्टॉप लाईन क्रॉस करते ही चालान का दोष लगेगा। इसी प्रकार दुपहिया पर तीन सवारी, बिना हेलमेट ड्राइविग और गलत दिशा चलना भी महंगा पड़ेगा। इस तरह के उल्लंघन का अलर्ट कैमरों में कैप्चर होकर सेक्टर-12 स्थित म्यूनिसिपल बिल्डिंग के दूसरे तल पर स्थापित आइसीसीसी सेंटर में जाएगा और फिर ऑनलाइन चालान जाएगा नियम तोड़ने वाले के पास। उन्होंने बताया कि चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस भी डॉक्यूमेंट इत्यादि चैक करने के लिए मैन्यूअली चालान करती रहेगी। 29 जंक्शन पर लगेंगे 295 कैमरे और ट्रैफिक लाइट

सीईओ ने बताया कि 29 जंक्शन पर कैमरे और ट्रैफिक लाइट लगाने का काम जोरों से चल रहा है। अब तक 11 लोकेशन पर कैमरों का काम पूरा हो चुका है, जबकि 18 जंक्शन पर ट्रैफिक लाइट लगाई जा चुकी हैं। अगले कुछ दिनों में लाइट लगाने का काम पूरा होगा, जो बिजली से कनेक्ट होंगी। इसके लिए सभी जगह पावर मीटर लग गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि शहर में किसी जगह से गाड़ी चोरी हो जाती है, तो उसे पकड़ना आसान होगा। ट्रैफिक पुलिस आइसीसीसी सेंटर में गाडी का नम्बर भेजेगी, उसे सस्पेक्टिड डाटा बेस में डाला जाएगा, उसके बाद चोरी हुई गाड़ी जिस भी चौक-चोराहे से गुजरेगी, उसका अलर्ट सेंटर में आएगा, जिसके बाद पुलिस को तुरंत सूचना हो जाएगी और चोरी हुई गाडी व चोर को पकड़ा जा सकेगा। चौक-चौराहों पर संदिग्ध या लावारिस सामान का अलर्ट भी कैमरों के जरिए सेंटर में जाएगा। चोराहों पर ज्यादा भीड़ एकत्र होगी, तो उसकी सूचना भी सेंटर में जाएगी। आइसीसी सेंटर के कांफ्रेंस हाल में बैठेंगे 30 ऑपरेटर

समीक्षा के दौरान सीईओ ने बताया कि आइसीसीसी सेंटर में वीडियो वाल स्क्रीन पर अलर्ट की एक्टिविटी देखने के लिए 20 आपरेटर बैठेंगे। इसके अलावा 10 अन्य आपरेटर होंगे, जिनमें ट्रैफिक पुलिस कर्मी और नगर निगम कर्मी हो सकते हैं। आपरेटर आठ-आठ घंटे की शिफ्ट अनुसार 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। ये रहे उपस्थित

बैठक में जीएम रमेश मढान, एसइ दीपक किगर, एक्सईएन सौरभ गोयल, पीएमसी प्रवीन झा, स्पोर्ट इंजीनियर मोहन शर्मा, मद्रास सिक्योरिटी प्रिटर्स के हितेश और सोल्यूशन आर्किटेक्ट मनिदर पाल सिंह उपस्थित रहे।

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