संवाद सहयोगी, घरौंडा: हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के सरदार पटेल हॉल में साइबर अपराध और कानूनी जागरूकता पर न्यायिक अधिकारियों और लोक अभियोजकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। निदेशक एडीजीपी श्रीकांत जाधव के निर्देश पर अकादमी के पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें 11 न्यायिक अधिकारी और 11 लोक अभियोजक भाग ले रहें हैं।

अकादमी एसपी वसीम अकरम ने कहा कि साइबर अपराधियों को कानून के अनुसार सजा जरूर मिले। इसके लिए अपराध न्याय प्रणाली के सभी हितधारकों को साइबर क्षेत्र में जागरूकता जरूरी है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से इस विषय पर जानकारी मे बढ़ोतरी होती है जो पीड़ित को न्याय प्रदान करने में मददगार होती है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 41 फीसद आबादी इंटरनेट का उपयोग करती है। यह सुविधा के साथ साइबर सुरक्षा के खतरे भी अपने साथ लाता है। साइबर अपराधी पीड़ित के बारे में जानकारी प्राप्त करके उसे भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है और उसे ठगी का शिकार बनाता है। उन्होंने कहा कि साइबर क्षेत्र में प्रतिदिन नए-नए परिवर्तन रहे हैं इसलिए हमें भी अपनी जागरूकता के स्तर में निरंतर बढ़ोतरी करते हुए सुरक्षित रहना होगा। मोबाइल फोन, ईमेल, ऑनलाइन शॉपिग वेबसाइट, सोशल साइटों पर कोई भी व्यवहार करते समय हमेशा सचेत रहें और इन पर दिए जाने वाले लुभावने वायदों में न फंसे। इसी तरह मोबाइल सिम बंद हो जाएगा, बैंक खाता बंद हो जाएगा या डेबिट कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। इस तरह का डर दिखाने वाली फोन कॉल्स व ईमेल से भी न घबराएं। इस मौके पर उप जिला न्यायवादी अजय कुमार, डीएसपी राजकुमार, जिला न्यायवादी आनंद मान, डीएसपी शीतल सिंह धारीवाल मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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