जागरण संवाददाता, करनाल : मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे। नए बस अड्डे पर अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगी। हर तरफ अफरा-तफरा का माहौल बन गया। अपनी जान बचाने के लिए कोई बस के अंदर तो कोई वेटिग रूम में घुस गया। दिल दहला देने वाली इस घटना से यात्री इतने डर गए कि किसी के मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही थी। वारदात के बाद हर तरफ सन्नाटा पसर गया। इसी हड़बड़ी का फायदा उठाकर बदमाश कैदी को छुड़ाकर फरार हो गए। बस स्टैंड पर पुलिस को अलग-अलग चार जगहों पर गोलियों के खोल मिले हैं। प्रत्यक्षदर्शी बोले- पब्लिक प्लेस है, पर पुलिस रहती है नदारद

वारदात को करीब से देखने वाले लोगों से दैनिक जागरण ने बातचीत की। पास में ही जूस काउंटर पर काम कर रहे हरविद्र सिंह ने बताया कि यह पब्लिक प्लेस है, लेकिन पुलिस नदारद रहती है। यदि अतिरिक्त पुलिस यहां पर होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती और बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाते। यहां पुलिसकर्मी कभी-कभी नजर आते हैं। नियमित रूप से यहां पर पीसीआर की तैनाती होनी चाहिए। पुलिसकर्मी ने बस के नीचे घुसकर बचाई जान

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मिर्ची स्प्रे के बाद भी पुलिसकर्मियों ने बदमाशों का मुकाबला करना चाहा। एक बदमाश की पिस्टल भी छीनी, लेकिन आंखों में जख्म की वजह से वह असहज हो गए। जब बदमाश गोलियां चलाने लगे तो एक पुलिसकर्मी ने बस के नीचे घुसकर अपनी जान बचाई। हथियार तो थे, लेकिन पुलिसकर्मियों को क्रॉस फायरिग का मौका नहीं मिला

वारदात के दौरान हथियार होने के बाद पुलिसकर्मी क्रॉस फायरिग नहीं कर पाए। इसके दो प्रमुख कारण थे। पहला आंखों में मिर्ची स्प्रे होने से पुलिस असहज हो गई। दूसरा बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिग शुरू कर दी, इससे किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। ट्रामा सेंटर में घायल पुलिसकर्मियों का हाल जानने पहुंचे आइजी

करनाल रेंज के आइजी योगेंद्र सिंह ट्रामा सेंटर में घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही बदमाशों से मुकाबला करने पर घायल पुलिसकर्मियों को शाबाशी दी। घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

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Posted By: Jagran