संवाद सहयोगी, इंद्री : अनाजमंडी में उत्तर प्रदेश की जीरी आने से मंगलवार को फिर हालात खराब हो गए। मंडी में चारों तरफ उत्तर प्रदेश से आए किसानों की जीरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियां नजर आई। पिछले तीन दिन से जीरी उठान का कार्य बेहतर चल पड़ा था लेकिन अब उत्तर प्रदेश की जीरी मंडी में आने से फिर हालात बिगड़ गए।

बता दें कि मंडी के हालात में सुधार के लिए पिछले दिनों खरीद कार्य बंद करना पड़ा था और सोमवार को मंडी जाम की स्थिति में कुछ सुधार भी नजर आया था। पहले अनाजमंडी में सिर्फ लोकल किसानों की जीरी खरीदी जा रही थी। अब पोर्टल पर पंजीकृत उत्तर प्रदेश के किसानों को भी मंडी में जीरी लाने की इजाजत दे दी गई। इससे बड़ी संख्या में यूपी के किसानों द्वारा जीरी लेकर पहुंचने से मंडी में जाम के हालात बन गए। मजदूर दिनभर उठान के कार्य में लगे रहे लेकिन मंडी के रास्तों में जीरी से लदे ट्रैक्टर-ट्रालियां फंसने से उठान का कार्य प्रभावित हुआ। इस समय इंद्री व यूपी के किसान अनाजमंडी में लगातार जीरी लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन जीरी की पेमेंट नहीं मिलने से किसान खफा हैं।

मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह ने कहा कि दो दिन उठान का कार्य चलने से एक दिन पहले मंडी में स्थिति ठीक हो गई थी। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के किसानों की जीरी आने से मंडी में फिर समस्या आ गई। यूपी के जिन किसानों का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन हो रखा है, उन्हें गेट पास भी दिए जा रहे हैं और उनकी जीरी की खरीद की जा रही है। पेमेंट को लेकर सीएम से करेंगे बात : विधायक

इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि वह सीएम से मुलाकात करेंगे और जीरी की पेमेंट की बात उनके सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम से वह जल्द मुलाकात करेंगे। वहीं, किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि फसल की पेमेंट 72 घंटे में देने की बात सरकार करती थी लेकिन पूरे प्रदेश के अंदर जीरी की पेमेंट नहीं दी जा रही है क्योंकि यह सरकार किसानों को परेशान करके खेती छुड़वाना चाहती है। यदि किसी भी काम करने वाले को तंग किया जाए तो वह उस काम को अपने आप छोड़ देता है और ऐसा ही किसानों के साथ किया जा रहा है। फूड सप्लाई विभाग से आने हैं एक करोड़ रुपये : सचिव

जीरी की सरकारी खरीद को करीब 25 दिन हो गए लेकिन किसानों को पेमेंट नहीं मिल पाई। मार्केट कमेटी सचिव बलवान का कहना है कि फूड सप्लाई विभाग की ओर से करीब एक करोड़ रूपए आने हैं। मंडी के पूर्व प्रधान हरपाल मंढाण ने कहा कि जानकारी मिली है कि एक-दो आढ़ती की पेमेंट ही आई है।

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दूषित पानी पीने को मजबूर

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संवाद सहयोगी, इंद्री : अनाजमंडी में किसानों व मजदूरों आदि को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मंडी के अंदर जिस जमीन में दबा पेयजल पाइप टूटा है, वहां गंदगी का आलम है और उसी पाइप से निकले पानी को लोग पी रहे हैं। चाय बनाने वाले कुछ दुकानदार भी उसी पानी को इस्तेमाल में ला रहे हैं। मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह का कहना है कि अनाजमंडी में वाहनों के टायरों से टूटे पाइप को ठीक करवा दिया गया था, दोबारा टूटे पाइप को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।

Edited By: Jagran