'फंडिंग से हो रहा सनातन पर हमला...', करनाल में कथा के दौरान बोले अनिरुद्धाचार्य, बलि के सवाल पर दिया जवाब
करनाल में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सनातन धर्म पर हो रहे हमलों और बलि प्रथा पर टिप्पणी की।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज (फाइल फोटो)
HighLights
अनिरुद्धाचार्य ने सनातन पर फंडिंग से हमले की बात कही
उन्होंने बकरे की नहीं, अहंकार की बलि देने को कहा
प्रेतबाधा के बजाय भगवान की शरण में जाने की सलाह दी
जागरण संवाददाता, करनाल। तरावड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज से श्रद्धालुओं ने बीमारी, प्रेतबाधा, वैवाहिक विवाद और संतान नहीं होने से जुड़े सवाल पूछे।
हरियाणा के एक कथित संत द्वारा सनातन पर सवाल उठाने पर महाराज ने कहा कि ऐसे लोगों को एक समुदाय के लोग फंडिंग करते हैं, ताकि वे सनातनी को सनातन के खिलाफ कर सकें। ऐसे लोग ही सनातन के शत्रु हैं। वहीं, बकरे की बलि के सवाल पर महाराज ने कहा कि बलि बकरे की नहीं अहंकार की देनी चाहिए।
अनिरुद्धाचार्य ने इन सवालों के जवाब देते हुए कहीं अंधविश्वास से दूर रहने की बात कही तो कहीं रिश्तों में प्रेम और संवाद को सबसे जरूरी बताया। वहीं संतान को लेकर समाज के तानों से परेशान महिला को उन्होंने भक्ति को किसी सांसारिक इच्छा से जोड़कर न देखने की सलाह दी।
शेर से ही पूछना क्यों खाता है मांस
एक साधक ने पूछा कि मांस खाकर मंदिर जाने से पाप लगता है, लेकिन माता दुर्गा शेर की सवारी करती हैं तो शेर मांस क्यों खाता है। इस पर महाराज ने कहा कि ये तो शेर ही पूछो क्यों खाता है, अभी कभी मिले तो पूछना। शेर बल का प्रतीक है और सभी को बलवान होना चाहिए।
एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी की करीब दो साल से तबीयत खराब चल रही है। डॉक्टर को दिखाने पर प्रेतबाधा बताए जाने की बात कहते हुए उसने इसका समाधान पूछा। इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कौन से प्रेत है ब्रांडेड या चाइनीज। महाराज ने कहा कि कि प्रेत के चक्कर में पड़ने के बजाय भगवान की शरण लेने और नारायण कवच का पाठ करने की सलाह दी।
