संवाद सहयोगी, इंद्री : पिपली प्रकरण से खफा किसानों ने इंद्री अनाजमंडी में प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री के पुतले जलाए। चेतावनी दी कि सरकार को चार दिन का समय दिया हुआ है। हल नहीं निकला तो 20 सितंबर को बड़ी रैली की जाएगी। किसानों ने उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ भी नारेबाजी की और कहा कि यदि इस सरकार में उसकी नहीं चल रही तो ऐसी सरकार को छोड़ दें और किसान उन्हें किसान मसीहा बनाएंगे। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता मनजीत व सचिन शांडिल्य ने की।

मंजीत ने कहा कि 10 सितंबर को किसान पिपली में रैली के लिए पहुंचे थे। वहां किसानों पर पुलिस ने डंडे बरसाए जिससे कई किसान जख्मी हुए। कोरोना महामारी के दौर किसानों ने सरकार की हर संभव मदद की और सरकार ने पुलिस से किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पिटवाया। यदि किसानों पर लाठीचार्ज नहीं हुआ तो सरकार इसकी जांच करवाये। सचिन शांडिल्य ने कहा कि हमारे देश में मांग करने से पहले ही दबा दिया जाता है, सभी को अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन इस सरकार में मांग रखने पर पुलिस से पिटवाया जाता है। सरकार स्पष्ट करे क्या किसान हरियाणा में नहीं रहेगा? उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपने आपको किसान पुत्र बताते थे लेकिन अब वे चुप्पी साधे बैठे हैं। अगर उसकी इस सरकार में नहीं चल रही तो ऐसी सरकार छोड़ दें। किसान उनको किसान मसीहा बनाएंगे।

----------------------- अनाजमंडी में धान की हो रही बेकद्री : महिद्र

किसान महिद्र सिंह ने कहा कि धान मंदा बिक रहा है। धान लेने वाला कोई नहीं है। जो धान 2500 रुपये थी वह 1600 रुपये में बिक रही और जो 1800 रुपये बिकनी थी वह 1100 बिक रही है। खरीददार अपनी मनमानी से खरीद रहे हैं। सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। स. अजीत सिंह ने कहा कि मक्की का रेट 1800 रुपये निकाला गया था लेकिन 600-700 रुपये क्विटल में बिकी। सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।

Edited By: Jagran