जागरण संवाददाता, करनाल : नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के चल रहे आंदोलन के बीच रविवार को गांव कैमला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम को लेकर पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी हो गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा तो वहीं खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर कर दी गई हैं।

मुख्यमंत्री यहां किसान महापंचायत में मुख्य तौर पर शामिल होंगे तो वहीं कई विकास कार्यो की भी सौगात देंगे। बता दें कि दिसंबर माह के पहले सप्ताह में किसानों के आंदोलन के चलते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल का घरौंडा क्षेत्र के गांव पाढ़ा में कार्यक्रम था, जहां उन्होंने गांव को बड़ी सौगात देनी थी तो वहीं तीर्थ स्थल का दौरा भी करना था, लेकिन कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही देर रात को कुछ लोगों ने यहां जमकर उत्पात मचा दिया था। कुर्सियां फेंक दी थी तो टेंट भी फाड़ दिया। तैयार किया गया हेलीपेड भी उखाड़ दिया था और तनावपूर्ण माहौल के चलते मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम रद करना पड़ा था। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस घटना को लेकर पहले कोई भनक तक न हीं लग पाई थी।

अब इसी घटना से सबक लेते हुए गांव कैमला में आयोजित होने वाली मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस व जिला प्रशासन बेहद गंभीरता बरत रहा है। हालांकि यहां भी किसानों द्वारा मुख्यमंत्री का विरोध करने का एलान किया गया है, जिसके चलते पुलिस व जिला प्रशासन की चुनौती और भी बढ़ गई है। ऐसे में न केवल खुफिया एजेसियां पूरी तरह से अलर्ट कर दी गई है, जो पल-पल की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे रही है तो वहीं कार्यक्रम स्थल व आसपास पुलिस के कड़े बंदोबस्त को लेकर भी पूरी तैयारी की गई है।

कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ सहन नहीं : एसपी

एसपी गंगा राम पूनिया का कहना है कि कानून की पालना करते हुए कोई भी अपना विरोध जता सकता है लेकिन कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम स्थल व आसपास के क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।

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