जागरण संवाददाता करनाल : मंगलवार को सेक्टर 9 में कोठी नंबर 928 में लूट की वारदात के दस घंटे बाद पुलिस ने एफआइआर दर्ज की। वारदात के दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली हैं। यूथ फॉर चेंज के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट राकेश ढुल ने बताया कि यदि इतनी लेट एफआइआर दर्ज होगी तो बदमाश कैसे काबू आ सकते हैं। क्योंकि एफआइआर के बाद ही तो पुलिस उनकी खोज में अभियान चलाती। बहरहाल अब पुलिस ने चार टीम गठित कर अपनी जांच तेज करने का दावा किया है। पुलिस की ओर से यह भी दावा किया गया कि जल्दी ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मंगलवार को सेक्टर-9 निवासी राहुल की कोठी में उनके नौकर पवन और उसके चार साथियों ने उनकी पुत्रवधु और नौकरानी को हथियारों के बल पर बंधक बना कर लूटपाट की है। बदमाश घर से कितना सामान ले गए, इस बारे में पीड़ित परिवार और पुलिस वारदात के दूसरे दिन भी चुप्पी साधे हुए हैं।

एफआइआर दर्ज करने में 10 घंटे क्यों लगाए?

वारदात के बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद भी एफआइआर दर्ज करने में 10 घंटे क्यों लगाए गए। यह सवाल उठ रहा है। इतने समय तक पुलिस ने आखिर किया क्या? आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिद ने बताया कि सीएम सिटी में यदि एफआइआर दर्ज करने को लेकर पुलिस का यह हाल है तो बाकी प्रदेश में क्या होगा? उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि लूट की वारदात होने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आनी चाहिए। यहां तो मामला दर्ज करने में ही इतना वक्त लगाया जा रहा है। जांच का यह कौन सा तरीका है? जयहिद ने सवाल किया। अभी तक यह भी पता नहीं लुटेरे क्या ले गए

दूसरा सवाल यह उठ रहा है कि अभी तक यह भी पता नहीं चल पा रहा कि लूटरे आखिर ले क्या गए हैं। हालांकि वारदात के वक्त घर के मुखिया समेत परिवार के ज्यादातर लोग बाहर है। इसके बाद भी इतना तो पता चल ही जाता है कि गया क्या क्या है? क्योंकि वारदात के वक्त बताया गया था कि लूटेर बड़ी मात्रा में कैश ले गए हैं। एफआइआर में कैश पांच लाख ही बताया जा रहा है। एक घंटे तक कोठी खंगालते रहे बदमाश

एफआइआर में ज्योति ने बताया कि दोपहर के समय वह घर पर थी। तीन बदमाश आए और उस पर पिस्तौल तान दिया गया। धमकी दी कि शोर मचाया तो जान से मार देंगे। नौकर समेत चारों बदमाशों ने उससे कैश और जेवरात के बारे में पूछा। उसने जान बचाने के लिए सारी जगह बता दी। एक घंटे की वारदात करके बदमाश पांच लाख की नकदी, जेवरात व एक कार को लूटकर ले गए। बताया जा रहा है कि वारदात करने से तीन दिन पहले ही नौकर रखा गया। कुछ सुराग लगे पुलिस के हाथ

जांच टीम के मुताबिक पुलिस के साथ कुछ सुराग लगे हैं। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जो चार टीम बनायी गयी वह अलग अलग एंगल पर जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि जिस एजेंसी के माध्यम से नौकर को रखा गया था, उसका पता भी पुलिस ने लगा लिया है। वहां से भी पवन के बारे में जानकारी ली जा रही है।

Posted By: Jagran