संवाद सूत्र, निसिग : जरा सोचो-जब बारिश का गंदा पानी लोगों के घरों व दुकानों में घुसता है तो लोग नगरपालिका प्रशासन को शिकायत करते है। नगरपालिका कार्यालय में ही पानी घुसने की नौबत आए तो वो किसको शिकायत करें। यह अजीबोगरीब दास्तां है निसिग के नगरपालिका कार्यालय की। बारिश का पानी घुसने से रोकने के लिए नपा प्रशासन को कार्यालय के मुख्य गेट पर मिट्टी की मेढ़ बनाकर प्लास्टिक बैग से ढ़ापकर ईंटे लगानी पड़ती है। ताकि नाले ओवरफ्लो होकर बारिश का पानी कार्यालय में ना घुसे। जब नपा कार्यालय वाली गली का यह हाल है तो, इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कस्बे की अन्य गलियों में निकासी व्यवस्था कितनी अच्छी रही होगी।

रविवार सुबह बारिश आने से निकासी प्रभावित हो गई। बारिश का पानी गलियों व सडकों पर बिखर गया। नपा कर्मचारियों ने भी कार्यालय में पानी घुसने के डर से गेट के आगे मिट्टी की मेढ़ बनानी पड़ी। हालांकि कस्बे में पानी की निकासी व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने करोडों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन निकासी का स्थाई समाधान नहीं हुआ। कस्बावासी पवन कुमार, सागर, अंग्रेज सिंह, रमन कुमार, मनीष कुमार, हरिराम, साहिल कुमार, सेठी के अनुसार हल्की बारिश होते ही नाले ओवरफ्लो हो जाते है। गंदा पानी गलियों व सड़कों पर जमा होने के साथ ही कई दुकानों व घरों में घुस जाता है। पुरानी अनाजमंडी गेट पर बनी दुकानों में बीते दिनों भी पानी घुस गया था, जिससे दुकानदार को काफी नुकसान हुआ है। वहीं कैथल रोड़ तालाब में तबदील हो जाता है। गुल्लरपुर रोड़, गोंदर रोड़, गुरुद्वारा रोडी साहिब के पास गली, ब्रह्मानंद कालोनी सहित कई अन्य गलियों में पानी जमा हो जाता है, जबकि मडी गेट पर जमा होने वाले पानी की निकासी का कोई प्रबंध भी नहीं है। पानी की निकासी को लेकर करवाए गए प्रबंध

करीब 94 लाख रुपये की लागत से स्थानीय बस अड्डे के पीछे फाइव पौंड का निर्माण किया गया। जिनमें एक वर्ष से अधिक समय से गंदे पानी की निकासी भी हो रही है। बावजूद भी पानी सड़कों पर बिखरता है। वहीं लाखों की लागत से गुल्लरपुर रोड़ पर दोनों साईडों में नालों का निर्माण करवाया गया था। गोंदर रोड पर भी सड़क के दोनों साइडों में पक्के नाले बनवाए गए थे। दर्शन कालोनी से ड्रेन तक बने नाले पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए थे। वहीं मुख्य बाजार की एक साइड़ में नाले के निर्माण पर लाखों खर्च किए गए। इसके साथ ही वार्ड की गलियों में बने नालों पर भी लाखों खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके बारिस में पानी निकासी के इंतजाम बौने पड़े है। पीडब्ल्यूडी के भरोसे नपा प्रशासन

इस संबंध में नपा सचिव शैलेंद्र कुमार का कहना था कि निसिग में बारिश के दिनों में ओवरफ्लों की समस्या बन जाती है। जो बारिश रुकने के बाद गलियों से पानी खत्म हो जाता है। बाजार में पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क किनारे नाले का निर्माण करवाया जाऐगा। उसके बाद ओवरफ्लों की समस्या नहीं रहेगी।

Edited By: Jagran