संवाद सहयोगी, घरौंडा : गगसीना की सहकारी समिति में करोड़ों के गबन की आशंका जताई जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह राशि लगभग दो करोड़ हो सकती है। धोखाधड़ी का शिकार हुए किसानों की फेहरिस्त भी लंबी होती जा रही है। समिति के कारगुजारियों का मामला सीएम विडों व सहकारी समिति के जिला अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस तक पहुंच चुका है। किसानों ने समिति के प्रबंधक व खंजाची सहित पांच लोगों पर घोटाले के आरोप लगाए है। दूसरी ओर विभागीय अधिकारी जांच की बात कह रही है। उच्चाधिकारियों ने समिति का रिकार्ड मांगा है। अधिकारियों की मानें तो यदि किसानों के ऋण लेनदेन में गड़बड़ी हुई तो समिति किसानों का भुगतान करेगी।

गगसीना सहकारी समिति के घोटाले की शिकायत सीएम विडो पर मंगलवार को दी गई है। साथ ही पुलिस और समिति के उच्चाधिकारियों को किसानों ने शिकायत दी है। पीड़ित ओमप्रकाश ने खाते से 56 हजार की राशि हड़पने की बात कही है। शिकायत में आरोप है कि कर्मचारियों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किसान के फर्जी हस्ताक्षर भी किए। गगसीना गांव के 15 से 20 किसानों ने करनाल स्थित जिला सहकारी समिति में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। किसान राजेन्द्र, रविन्द्र, बलराज, चिरजी शर्मा, हवा सिंह, रमेश, ओमप्रकाश ने डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिकारियों से इस मामले की जांच करवाने की मांग की। वर्ष 2017-18 में हुई सहकारी समिति गगसीना की विभागीय ऑडिट में 49 लाख की गड़बड़ी सामने आई थी। दो वर्ष बीतने के बावजूद पैक्स में हुई लाखों की हेराफेरी के मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

गगसीना सहकारी समिति में हुई धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद उच्च अधिकारियों ने समिति का रिकार्ड तलब किया है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार अनु कोशिश ने गगसीना पैक्स इंचार्ज को समिति का रिकार्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। रिकार्ड की जांच के बाद यह रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि पैक्स में किसानों के साथ किस तरह और कितनी रकम की हेराफेरी हुई है। हालांकि जिन पांच कर्मचारियों पर गबन के आरोप लगाए हैं उनमें से डीसी रेट पर लगे तीन कर्मचारी अब समिति में कार्य नहीं करते। सहकारी समिति की असिस्टेंट रजिस्ट्रार अनु कोशिश ने बताया कि कुछ किसानों ने गगसीना पैक्स की शिकायत की है। वीरवार और शुक्रवार का दिन करनाल ऑफिस के लिए निर्धारित है। पैक्स का रिकार्ड मंगवाया गया है, रिकार्ड की जांच की जाएगी। यदि किसानों को ऋण लेनदेन में गड़बड़ी हुई है तो समिति किसानों का भुगतान करेगी।

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