जागरण संवाददाता, करनाल : कोरोना बचाव को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों का असर केवल कागजों तक सीमित है। शादियों में कोरोना संरक्षण के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। सीमित संख्या से तीन गुना लोग बारात की दावत में शामिल होते हैं और डीजे की धुन पर शारीरिक दूरी का पालन हवा में उड़ाए जा रहे हैं। नतीजतन विवाह कार्यक्रम में अभी तक प्रशासन अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर सका है। साथ ही, प्रशासन अधिकारियों की लापरवाही को भलीभांति जानने वाले दुकानदार भी शारीरिक दूरी के लिए बनाए सफेद गोलों को बीते समय की बात मान चुके हैं। नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारित की लापरवाही के चलते शुक्रवार को कोरोना के 59 केस पोजिटिव पाए गए और एक मौत हुई। सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिले में अब तक 9922 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें 138 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। 508 एक्टिव हैं और 9276 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं। जिले में शुक्रवार को 59 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 13 केस एंटीजेन टेस्ट से तथा 46 केस आरटीपीसीआर से पाए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि शुक्रवार को 60 मरीज ठीक होकर अपने घर गए हैं। अब तक कोरोना संक्रमण से संदिग्ध कुल 126833 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए, जबकि इनमें से 115512 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उपायुक्त ने कहा कि लोग जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें, मास्क का प्रयोग करें और शारीरिक दूरी का ध्यान रखें। आसपास कोई ऐसा व्यक्ति मिले जिसकी ट्रैवल हिस्ट्री बाहर की है तो इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि उसके स्वास्थ्य की जांच की जा सके और लक्षण पाए जाने पर कोविड-19 का टेस्ट किया जा सके। उन्होंने बताया कि कोरोना के लक्षण नहीं पाये जाने पर संदिग्ध को अस्पताल में रखने की बजाए जाट धर्मशाला करनाल में कोविड केयर सेंटर में रखा जाता है।

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