जागरण संवाददाता, करनाल : पॉश एरिया सेक्टर आठ में एक सप्ताह पहले सुबह करीब साढ़े छह बजे अंधाधुंध फायरिग करने के मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों को शुक्रवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को पुलिस ने फिर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

रिमांड के दौरान आरोपितों से वारदात की वजह से लेकर इसमें प्रयुक्त की गई कार के संबंध में भी गहनता से पूछताछ की तो पता चला कि यह उन्होंने करनाल के अपने एक दोस्त से शिमला घूमने के लिए ली थी, जिसके बाद उन्होंने वारदात को अंजाम दे दिया। वहीं आरोपितों ने वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल दिल्ली से ली थी, अब पुलिस उस तक भी पहुंचेगी, जिसके लिए जल्द रेड की जा सकती है। वहीं राइस शैलर संचालक सुभाष सिगला भी व्यापारियों व अन्य लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया से मिलकर मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं।

बता दें कि चार जनवरी को सिगला के सेक्टर आठ स्थित आवास पर सुबह करीब साढ़े छह बजे अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिग कर दी थी। उनके द्वारा किए गए करीब 16 राउंड फायरिग में हालांकि सुभाष सिगला की पत्नी बाल-बाल बच गई थी, लेकिन बदमाश सिगला को धमकी देते हुए फरार हो गए थे। सीआइए वन टीम ने मामले की जांच करते हुए सचिन वासी सेक्टर छह बहादुरगढ़, प्रदीप वासी सुडाना जिला रोहतक व हर्ष वासी गांव टीकरी कलां, दिल्ली को वीरवार को नमस्ते चौक से वारदात में प्रयुक्त की गई कार व दो अवैध पिस्तौल सहित काबू कर लिया था। हालांकि सीआइए वन प्रभारी दीपेंद्र राणा ने आरोपितों से प्रारंभिक पूछताछ के बाद पत्रकारों से बातचीत में हमले के पीछे आरोपित सचिन के परिवार के साथ लेनदेन को ही वजह बताया था जबकि शैलर संचालक सुभाष सिगला इससे इंकार कर चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाए थे कि उन्हें भाई रोशन लाल के आत्महत्या मामले में गवाही से हटाने के लिए यह हमला किया गया, जिसके पीछे एक आरोपित के पिता हैं।

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