जागरण संवाददाता, करनाल

करीब चार साल पहले रोहतक पीजीआइ में इलाज के लिए दाखिल होने के बाद फरार हुए बदमाश पन्ना राम को पुलिस ने काबू कर लिया है। उसे अदालत ने डकैती के मामले में 10 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन इलाज के नाम पर पीजीआइ में दाखिल होने के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। सीआइए वन पुलिस ने उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की है।

सीआइए वन इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने अपनी टीम को एएसआइ दशरथ कुमार के नेतृत्व में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रवाना किया था। टीम को सूचना मिली कि करनाल पुलिस की हिरासत से फरार हुआ बदमाश पन्ना राम मेरठ रोड पैदल करनाल की ओर जाएगा। सूचना मिलने पर पुलिस ने मेरठ रोड स्थत आवर्धन नहर पुल पर नाकाबंदी कर दी। नाकाबंदी के दौरान वहां से निकलने वाले कई पैदल व्यक्तियों से पूछताछ की गई। कुछ ही देर बाद पुलिस को संदिग्ध व्यक्ति आता नजर आया। उसे पुलिस को देखकर अपना रास्ता बदल लिया। पुलिस टीम ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह टालमटोल करने का प्रयास करने लगा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्तौल 315 बोर मिली। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की जांच में पता लगा कि बदमाश का नाम पन्ना राम है और वह उत्तर प्रदेश के शामली जिले के खानपुर कलां गांव का रहने वाला है। पन्ना राम को डकैती के मामले में अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी। 25 अक्टूबर 2015 को वह पीजीआइ रोहतक से फरार हो गया था। यहां से बीमारी का इलाज करवाने के लिए दाखिल कराया गया था। उस पर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम भी रखा था। उसे शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

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Posted By: Jagran