जागरण संवाददाता, करनाल : कॉलोनियों के घरों के ऊपर हाइवोल्टेज तार और शहर की गलियों में बिजली के तारों के जाल बिजली निगम अधिकारियों की लापरवाह कार्यप्रणाली का प्रमाण दे रहे हैं। मीटर खराब होने पर नया मीटर लगवाने, बिजली बिल दुरुस्त करवाने के लिए उपभोक्ताओं का कार्यालय में चक्कर काटना यहां आम बात है। इस तरह की समस्याओं के बीच शहरवासियों को स्मार्ट मीटर थोप दिए गए हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से अब तक उपभोक्ताओं को एवरेज बिल भेजे जा रहे हैं। कर्मचारी भी जुर्माने का डर दिखाकर राशि जमा करवाने की सलाह दे रहे हैं। उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर बिजली बिल सीधे असर डाल रहा है। कार्यालय में लापरवाह अधिकारी परेशान उपभोक्ता को ही मीटर रीडिग का फोटो लाने के निर्देश दे रहे हैं। ---बॉक्स----

एक साल से कार्यालय के काट रहे चक्कर

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चरणजीत लाल ने बताया कि एक साल पहले बिजली मीटर जल गया था। तब से लेकर अभी तक बिल दुरुस्त करवाने के लिए कार्यालय में भटक रहे हैं। अब स्मार्ट मीटर लगाकर परेशानी थोंप दी गई है। घर के जरूरी काम छोड़कर यहां बिल ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं और कार्यालय में कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। अब मोबाइल फोन पर मीटर रीडिग का फोटो लाने के लिए बोल रहे हैं, जबकि मेरे पास ऐसा फोन नहीं है। ---बॉक्स-----

जुर्माने का डर दिखाकर वसूली

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सेक्टर-13 एक्सटेंशन निवासी सतीश गुप्ता ने बताया कि सरकार की योजनाएं आमजन को प्रभावित कर रही हैं। शहर में हाइटेंशन तारों को हटाया नहीं जा रहा और शहर की गलियों में बिजली की तारों का जाल अधिकारियों की लापरवाही को साबित कर रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने की योजना तो बना दी गई, लेकिन अधूरी योजना के चलते लोगों को बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। एवरेज बिल भेज कर जुर्माने का डर दिखा उपभोक्ता से वसूली की जा रही है। ---बॉक्स----

मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे अधिकारी

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लक्ष्मी नारायण ने बताया कि 100 गज के मकान में दो कमरों की बिजली की खपत महीने की 1358 यूनिट भेजी जा रही है। एक साल पहले बिजली निगम के कर्मचारी ने मीटर खराब होने की बात की थी। तभी से एवरेज बिल भेजा जा रहा है। कार्यालय में अपनी नौकरी के साथ-साथ बिजली बिल ठीक करवाने के लिए सेक्टर-12 कार्यालय के अनगिनत चक्कर काट लिए हैं। बिजली निगम अधिकारी लोगों को आर्थिक नुकसान व मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं। बिजली उपभोक्तओं की समस्याओं को लेकर विधायक भी गंभीर नहीं हैं।

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