जागरण संवाददाता, करनाल : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करनाल अमित शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण इन दिनों न्यायालयों में सिर्फ आवश्यक और गंभीर मामलों में ही सुनवाई की जा रही है। इससे अदालतों पर जहां नए मामलों का बोझ बढ़ रहा है, वहीं सुनवाई लंबित होने से न्याय की राह भी लंबी हो रही है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप जैन के मार्गदर्शन में सेशन डिवीजन करनाल में ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 11 लोक अदालतों की खंडपीठ का गठन किया गया। लंबित मामलों के साथ-साथ पूर्व मुकदमेबाजी के मामलों से निपटने के लिए लोक उपयोगिता सेवाओं की खंडपीठ का भी गठन किया गया।

लोक अदालत विवादों के निपटान के प्रभावी तरीकों में से एक है। लोक अदालतों में विवादों का सौहार्दपूर्वक निपटारा किया जाता है। सभी के लिए न्याय तक पहुंच के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एडीआर तंत्र का संवर्धन काफी महत्वपूर्ण है। लोक अदालत को स्थायी और निरंतर प्रक्रिया बनाने के लिए सत्र न्यायालय में दैनिक लोक अदालतें भी आयोजित की जाती हैं। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में 825 मुकदमों को लिया गया था, जिनमें से 252 को सत्रीय प्रभाग करनाल में ई-लोक अदालत में पारस्परिक रूप से निपटाया गया।

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