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कैथल में चेला बाबा गणेशनाथ का आठवां मेल, देसी घी से तैयार हो रही 135 क्विंटल मिठाई; इस दिन आएंगे यूपी के CM योगी

Published: Fri, 13 Mar 2026 05:00 AM (IST)

कैथल के सौंगल गांव स्थित बाबा मुकुट नाथ मठ में चेला बाबा गणेशनाथ का आठवां मेल आयोजित हो रहा है। ...और पढ़ें

योगी आदित्यनाथ 14 मार्च को कैथल मठ में आएंगे

योगी आदित्यनाथ 14 मार्च को कैथल मठ में आएंगे

HighLights

  1. योगी आदित्यनाथ 14 मार्च को कैथल मठ में आएंगे

  2. 150 हलवाइयों ने 135 क्विंटल मिठाई तैयार की

  3. मठ का इतिहास 1600-1700 साल पुराना है

रोहताश शर्मा, कैथल। कैथल के गांव सौंगल में स्थित बाबा मुकुट नाथ मठ एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थल है। संतों के अनुसार, सिद्ध श्री बाबा मुकुट नाथ महंत ने ही इस गद्दी की शुरुआत की थी।

इसके बाद देश में धर्म नाथ पंथ की सभी गद्दी यहीं से निकली थी। यहां पर बाबा मुकुट नाथ व बाबा गोरखनाथ की पूजा होती है। गांव सौंगल में डेरा गद्दीनशीन महंत पीर शेरनाथ ने बताया कि धर्म नाथ पंथ की गद़्दियों का सर माथा यही है। गोरखनाथ मठ (गोरक्षपीठ) की गद्दी भी यहीं से निकली है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके पीठाधीश्वर (मुख्य महंत) हैं। इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यहां से विशेष लगाव है और यहां पर माथा मुकुट नाथ की समाधि पर माथा टेकने के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं के अलावा धर्म नाथ पंथ के महंत भी यहां पर माथा टेकने के लिए आते हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 मार्च को यहां पर आएंगे। साल 2024 में भी मुख्यमंत्री योगी माथा टेकने डेरा में पहुंचे थे। कार्यक्रम चेला बाबा गणेशनाथ के आठवें मेल पर इस कार्यक्रम का आयोजन इस बार हो रहा है।

महंत के अनुसार इस डेरे का इतिहास 1600 से 1700 साल पुराना इतिहास बताया जा रहा है। मठ परिसर में अब तक 17 महंतों की समाधि बनी हुई है। यहां पर पर माथा टेकने से हर मनोकामना पूरी होती है।

400 देसी घी के टीन से तैयार हो रही 135 क्विंटल मिठाई

गांव सौंगल में आयोजित कार्यक्रम को लेकर भव्य तैयारियां चल रही हैं। 135 क्विंटल मिठाई तैयार की जा चुकी है। इसमें लड्डू, जलेबी, बालूसाही व बर्फी तैयार की गई है। करीब 150 हलवाई इस कार्य में लगे हुए हैं। इस आयोजन में गांव सौंगल सहित आसपास के सात से आठ गांव के लोग भी डेरे में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सहयोग कर रहे हैं।

मुख्य हलवाई रामकुमार ने बताया कि 150 के करीब हलवाई काम कर रहे हैं, श्रद्धालु अलग से सहयोग करने में लगे हैं। 135 क्विंटल मिठाई अब तक तैयार हो चुकी है। इनमें 50 क्विंटल के करीब लडडू, 30 क्विंटल के करीब बालूसाही, 30 क्विंटल जलेबी व 25 क्विंटल बर्फी तैयार की जा रही है। इसमें छह सब्जियां अलग से रहेंगी।

पंडाल पर खर्च होंगे 40 लाख रुपये

कार्यक्रम स्थल पर जो पंडाल लगाया जा रहा है, वह करीब 40 लाख रुपये से तैयार होगा। भंडारा स्थल, पार्किंग करीब 15 एकड़ में तैयार की जा रही है। लोगों के बैठने के लिए पंडाल 10 एकड़ में लगेगा। प्रशासन ने दो हैलीपेड यहां तैयार करवाए हैं। आयोजन की तैयारी एक मार्च से चल रही हैं।

नाथ संतों ने मुगलों को हराया था

डेरे में पहुंचे संतों के अनुसार, मुगलकाल में गोरखनाथ मठ (गोरक्षपीठ) की गद्दी पर मुगल अत्याचार करते थे। महंत बताते हैं कि प्राचीन समय में मुगलों ने मठ पर कब्जा कर लिया था। कैथल जिले के गांव सौंगल में स्थित बाबा मुकुट नाथ मठ हजारों की संख्या में धर्म नाथ पंथ के हजारों की संख्या में नाथ महंत वहां पर गए थे और मठ को मुगलों से मुक्त करवाया था, प्राचीन समय में धर्म नाथ पंथ भक्ति क अलावा धर्म की रक्षा का भी काम करता था।

हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी काफी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे। इसके अलावा महंत श्री पीर बालक नाथ सहित कई बड़े महंत इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।