जागरण संवाददाता, कैथल :

डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि अपना काम करने से जहां आत्म सम्मान की अनुभूति होती है, वहीं हम आर्थिक तौर पर भी मजबूत होते हैं। सभी महिलाएं बेसिक सैनेटरी पैड बनाने में माहिर होकर अपने आसपास के परिवेश में मार्केटिग के माध्यम से अपना कारोबार स्थापित कर सकती हैं। भविष्य में महिलाओं द्वारा बनाए गए इन पैडस को सरकारी स्कूलों में छात्राओं तथा आंगनवाड़ी को दिए जाएंगे।

डीसी बुधवार को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं के लिए बेसिक सैनेटरी पैड प्रशिक्षण शिविर में बोल रही थी। कहा कि उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए व अपना रोजगार स्थापित करने के लिए बेसिक सैनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अपना खुद का कार्य कर सकती है। प्रशासन की ओर से सभी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। अपने पैरो पर खड़े होना एक अलग ही आनंदाभूति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जिला में 2379 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 27 हजार 673 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जोकि सभी आधार से लिक हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक सैनेटरी पैड बनाने के साथ-साथ महिलाएं इसमें और अधिक सुधार के आईडिया भी निकाले, ताकि भविष्य में उनके कार्य में और अधिक निपुणता आए। इस मौके पर ब्लाक समिति चेयरपर्सन अनिता मुंजाल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रोजी, नायब तहसीलदार विरेंद्र, एलडीएम आरके कटारिया, भूपेंद्र मेहंदी रत्ता, पुष्पा, मनोज कुमार, नीलम रानी, नसीब, रजत, सोनिया देवी, रामफल शर्मा मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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