कमल बहल, कैथल

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। हर दिन एक नई योजना के तहत तीसरी लहर से निपटने की प्लानिग की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में अमेरिका से आए वाल माउंटेड पल्स आक्सीमीटर लगाए। विभाग की ओर से कुल 20 आक्सीमीटर दीवारों पर लगाए गए हैं। इसमें 12 आक्सीमीटर आइसोलेशन वार्ड, दो आक्सीमीटर इमरजेंसी वार्ड, दो आक्सीमीटर गायिनी वार्ड और चार आक्सीमीटर आपरेशन थियेटर में लगा दिए हैं। आइसोलेशन वार्ड में स्थापित किए गए इन आक्सीमीटर से अब कोरोना संक्रमित मरीज स्वयं भी अपने आक्सीजन स्तर की जांच कर सकते हैं। वहीं, गायिनी वार्ड और आपरेशन थियेटर में दीवार में लगे पल्स आक्सीमीटर से अस्पताल में अन्य बीमारियों के इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज भी अपने आक्सीजन लेवल की जांच कर सकते हैं। आक्सीमीटर लगाने पर आई करीब साढ़े 14 लाख रुपये की लागत

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला नागरिक अस्पताल में लगाए गए अमेरिका से आए एक वाल माउंटेड पल्स आक्सीमीटर की कीमत 73 हजार रुपये है। इस प्रकार से 20 आक्सीमीटर की कीमत करीब 14 लाख 60 हजार रुपये है। बता दें कि दस साल बाद सरकार ने सरकारी अस्पतालों में यह आक्सीमीटर लगाए गए हैं। इन आक्सीमीटर की सहायता से कोरोना संक्रमितों को अपने आक्सीजन स्तर की जांच को लेकर कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो यह आक्सीमीटर काफी सहायक होंगे। तीसरी लहर की तैयारियों के बीच आक्सीजन प्लांट और कंसंट्रेटर का हुआ प्रबंध

कोरोना की दूसरी लहर में तेजी से कोरोना के तेजी से संक्रमण बढ़ने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना विभाग को करना पड़ा था। इसी बीच आक्सीजन की बढ़ी हुई लागत के बाद सरकार ने सभी जिलों में लाखों रुपये की लागत से आक्सीजन प्लांट स्थापित करने का फैसला लिया था। जिले में तीन जगहों पर आक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य जारी है। वहीं, तीसरी लहर की तैयारियों के बीच 60 आक्सीजन कंसंट्रेटर भी जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच चुके हैं। ताकि इस महामारी से आसानी से निपटा जा सके। कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। जिले के लोगों को महामारी से बचाना उनका पहला कर्तव्य है। इसी कड़ी में अब जिला नागरिक अस्पताल में अमेरिका की कंपनी मेडिट्रानिक्स की ओर से आइसोलेशन वार्ड, गायिनी वार्ड और आपरेशन थियेटर में कुल 20 वाल माउटेंड पल्स आक्सीमीटर लगा दिए गए हैं। इनकी लागत 14 लाख 60 हजार रुपये की है। आक्सीमीटर लगने के बाद आइसोलेशन वार्ड में दाखिल संक्रमित अपने आप अपने आक्सीजन का स्तर जांच कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अथक प्रयासों और प्रेरणा से तीसरी लहर से लड़ने में सक्षम होंगे।

डा. शैलेंद्र ममगाईं शैली, सिविल सर्जन, कैथल।

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