कैथल में सफाई कर्मियों की हड़ताल से कचरे का अंबार, दुकानदारों ने बाजार बंद कर जताया रोष
कैथल में 25 दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण शहर में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे बीमारियां फैल रही हैं और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

कैथल में सफाई कर्मियों की हड़ताल से कचरे का अंबार (फोटो: जागरण)
HighLights
कैथल में 25 दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी है।
शहर में कचरे के ढेर, बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ा।
तलाई बाजार के दुकानदारों ने विरोध में बाजार बंद किया।
जागरण संवाददाता, कैथल। जिले में पिछले 25 दिनों से सफाई कर्मियों की मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। इसके चलते शहर के बाजार, कालोनी व मुख्य सड़कों पर कचरा के ढेर लग गए हैं। बाजारों में तो दुकानदारों के कामकाज पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
इस कारण दुकानदारों में रोष बढ़ रहा है। सोमवार को तलाई बाजार के दुकानदारों ने सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक बाजार बंद कर रोष जताया। कहा कि एक या दो दिन में कचरा का उठान नहीं हुआ तो वे नियमित रूप से बाजार बंद करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। तलाई बाजार में दो से तीन जगहों पर कचरा के ढेर लग गए हैं। इससे बीमारियां फैल रही हैं, ग्राहक भी दुकानों में आने से कतरा रहे हैं। कई दुकानदार तो बीमार भी हो गए हैं।
कचरा उठाने के लिए पहुंचा प्रशासन
रविवार रात को एसडीएम संजय कुमार, डीएमसी व ईओ सहित अन्य प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ करनाल रोड पर कचरा उठान के लिए पहुंचा। प्रशासन की तरफ से हनुमान वाटिका से पहले कचरा हटाया गया। इसके बाद वे करनाल रोड पर जाट स्कूल के नजदीक कचरा उठाने लगे।
इसकी सूचना मिलने पर नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे सफाई कमियों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। सफाई कर्मियों ने कचरा उठान का विरोध करते हुए रोष प्रदर्शन किया। जेसीबी चालक को कचरा उठान से रोक दिया। इसके बाद प्रशासन वापस लौटने पर मजबूर हो गया। सफाई कर्मियों ने कहा कि उनकी मांगों को सरकार पूरा करे, कचरा वे अपने आप उठा देंगे।
नगर परिषद के सामने कचरा के ढेर में लगाई आग
सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण फैले कचरा को लेकर अब लोगों में रोष बढ़ रहा है। कई जगह तो आग भी लगाई जानी लगी है। सोमवार को सुबह नगर परिषद कार्यालय के सामने जमा कचरे में आग लगाई गई। वहीं छात्रावास रोड पर भी कचरा जलाया गया।
दुकानदारों का कहना है कि छात्रावास रोड, रेलवे गेट बाजार, तलाई बाजार, सर्राफा बाजार, जनता मार्केट, सदर बाजार, सब्जी मंडी रोड, भगत सिंह चौक मार्केट, रेलवे स्टेशन मार्ग पर कचरा जमा होने से काफी दिक्कत आ रही है।
लोगों को मुंह पर रुमाल रखकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कचरा में बेसहारा गोवंश व आवारा कुत्ते मुंह मार रहे हैं। पूरे जिले में 3500 टन कचरा जमा हो गया है, वहीं 120 से ज्यादा नए कचरा प्वाइंट बना गए हैं, जबकि पहले मात्र 50 कचरा प्वाइंट थे।
कार्यालय बंद होने से कामकाज प्रभावित
पिछले 25 दिनों से हड़ताल के कारण नप कार्यालय बंद होने से कामकाज प्रभावित हो गया है। जहां जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रापर्टी टैक्स जमा न होना, त्रुटियां दूर न होना, आधार कार्ड, डोमेसाइल, विकास कार्यों को लेकर टेंडर लगाने का कार्य बंद हाेने के साथ-साथ सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर आवेदन सहित अन्य कामकाज भी बंद पड़ा हुआ है। लोग हाथों में कागजात लिए चक्कर लगवाने को मजबूर हो रहे हैं।
बाजार बंद करने पर मजबूर हैं: सुरेंद्र
तलाई बाजार के व्यापारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह शहर का मुख्य बाजार है। गंदगी के ढेर के कारण दुकानें बंद करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। दो-तीन दुकानदार तो बीमार हो गए हैं। ग्राहक गंदगी के चलते दुकानों पर नहीं आ रहे हैं।
कामकाज भी प्रभावित हो गया है। सरकार व प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। कर्मी बाजार छोड़कर अधिकारियों व नेताओं की कोठियों के बाहर डाले, दुकानदारों को क्यों परेशान किया जा रहा है।
दुकानदार अशोक ने कहा कि दुकानदार सरकार को टैक्स देता है, लेकिन फिर भी बाजारों में गंदगी का उठान नहीं हो रहा है। पहले ही बाजारों में सुविधाओं का अभाव है, अब एक माह होने को है, लेकिन सफाई नहीं हो रही है। सफाई न होने के कारण बीमारियां फैल रही हैं। उनकी मांग है कि सफाई कर्मियों की मांग को पूरा कर बाजारों में सफाई करवाई जाए।
दुकानदार अरुण ने बताया कि गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार है। दुकानदार भी बीमार हो गए हैं। दुकानों के बाहर ही गंदगी के ढेर लग गए हैं। नालों में भी गंदगी जमा होने के कारण बदबू आ रही है, जिसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। जब गंदगी ही जमा है तो कैसे काम करें, इस कारण बाजार बंद करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला पालिका आयुक्त कपिल शर्मा ने बताया कि वार्डों में सफाई को लेकर पार्षदों के साथ बैठक की थी। इसमें पार्षदों से सहयोग मांगा है कि वे सफाई कर्मियों से बात कर वार्डों में सफाई करवाएं। सफाई कर्मियों की मांग स्टेट लेवल की है, जिला मुख्यालय स्तर की नहीं है। पार्षदों व जन सहयोग के समर्थन से सफाई करवाने का प्रयास रहेगा।
