जागरण संवाददाता, कैथल :

बिजली निगम ने म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत तीन ब्लॉकों के करीब 100 गांव में घर से बाहर मीटर तो लगा दिए हैं, लेकिन आज भी बिजली चोरी नहीं रूक रही है। योजना के तहत लगाई गई नई केबल को काटकर ही लोग बिजली चोरी करने में लगे हुए हैं, रात के समय ऐसा हो रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल शिकायत मिलने का ही इंतजार करने में लगे रहते हैं।

कई जगहों पर बिजली चोरी के दौरान केबल जलने के मामले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली निगम गंभीर नहीं है। इन गांवों में निगम की ओर से चोरी रोकने के लिए कोई अथक प्रयास नहीं कर रहा है। यहां पर लाइन लोस भी अधिक हैं। ऐसे में इस योजना के शामिल गांव के लोग निगम को ठेंगा दिखा रहे हैं। निगम ने तो जगमग योजना में शामिल गांवों के लोगों को बिजली चोरी करने में मामले साफ सुथरा माना है। इसके चलते इस योजना में शामिल गांवों में केवल शिकायतों पर ही छापे मारने की कार्रवाई की जाती है।

लाइन लॉस अधिक होने

मिल रही 12 से 14 घंटे :

योजना के तहत शामिल शहरों की तर्ज पर गांव में भी 24 घंटे बिजली देने के नाम पर उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम ने 45 फीडरों के तहत आने वाले 100 गांवों में बिजली के मीटर बाहर कर दिए गए। इतना ही नहीं, 12 अन्य फीडरों पर 20 गांवों में लाइन लॉस कम कर योजना लागू करने पर काम चल रहा है। जगमग योजना वाले गांवों में 22 से 24 घंटे बिजली दी जा रही है। लाइन लोस के कम होने और बिजली चोरी के कारण यहां के ग्रामीणों को केवल से 12 से 14 घंटे बिजली मिल रही है। बिजली चोरी हो सके, इसलिए भी कई ग्रामीण घरों से बाहर मीटर लगाने का विरोध कर रहे।

योजना वाले गांवों में भी लाइन लॉस :

बिजली मीटर बाहर होने के बाद जब ग्रामीण 24 घंटे बिजली की मांग करने लगे तो विभाग ने तर्क दिया कि पहले लॉस को कम करें। इन गांव में योजना का कार्य तो पूरा हो चुका लेकिन लॉस आज भी 50 से 60 प्रतिशत तक है। विभाग पहले लॉस को 25 प्रतिशत से नीचे लाने और फिर 24 घंटे बिजली देने की बात कर रहा है।

योजना के तहत गांव बलवंती, जसवंती, शेरगढ़, देवीगढ़, सीवन में 24 घंटे बिजली देने का दावा बिजली निगम कर रहा लेकिन यहां पर लाइन लॉस अधिक होने के कारण पूरी बिजली सप्लाई नहीं मिल रही।

विरोध न हो विभाग ने छोटे गांव चुने

योजना के शुरूआत में ही विरोध हुआ तो विभाग ने पहले छोटे गांव में इसको लागू करने का फैसला किया। उसके बावजूद दर्जन भर गांव में विरोध हुआ। कई गांवों में ग्रामीणों ने बिजली निगम के गेट पर भी ताला जड़ विरोध किया। विरोध के बीच कैथल के शहरी क्षेत्र में 44 गांव में से 40 गांव में मीटर बाहर किए जा चुके हैं।

बड़े गांव में बवाल न हो इससे बच रहा विभाग

विभाग ने अब तक जिले के कई बड़े गांव खुराना, क्योड़क, पबनावा, बालू, पाई में योजना को लागू नहीं की है। विभाग के बड़े गांव होने के कारण यहां विरोध होने का ज्यादा डर है। विभाग इनसे पहले छोटे गांव में मीटर बाहर करने का कार्य पूरा करना चाहता है। यहां पर भी बिजली चोरी के मामले आ रहे हैं।

योजना का लाभ ग्रामीणों

को बताया जा रहा

बिजली निगम के एसई बीएस रंगा ने बताया कि तीन ब्लाकों के 100 से अधिक गांवों जगमग योजना में शामिल हो चुके है। बिजली चोरी का मामला ऐसे गांवों से नहीं आए है। यदि ऐसा कोई मामला है तो उस पर जानकारी ली जाएगी। लाइन लॉस कम करने के लिए निगम की ओर से पूरे प्रयास किए जा रहे है। विरोध करने वाले ग्रामीणों को भी निगम योजना के लाभ बता समझाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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