जागरण संवाददाता, कैथल : खुराना रोड स्थित कचरा प्लांट पर किसानों ने धरना दस दिन के लिए स्थगित किया हुआ है। इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारियों व ठेकेदार की परेशानी कम नहीं हो रही है। दस दिनों से किसानों ने प्लांट में कचरा नहीं डालने दिया है। सात सितंबर को डीसी ने कचरा प्लांट का दौरा किया था। उनके आश्वासन पर किसानों ने धरना स्थगित कर दिया था। अब चार दिन बचे हैं। अगर इस दौरान प्रशासन ने किसानों को कोई उचित आश्वासन नहीं दिया तो धरना दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा।

नप अधिकारी व ठेकेदार कचरा डं¨पग प्लांट में व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं। कचरा समतल करने के बाद मिट्टी डाल उस पर दवाई का छिड़काव करना है। किसानों की गठित की गई 11 सदस्यों की कमेटी मामले पर नजर बनाए हुए है। अगर कोई ट्रैक्टर कचरा लेकर आ भी जाता है तो उसे वापस भेज दिया जाता है। कचरा प्लांट के पास एक कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया है।

कचरा डालने की नहीं कोई वैकल्पिक जगह

फिलहाल शहर से बाहर खाली जगहों पर कचरा डाला जा रहा है। कचरा डालने के लिए नगर परिषद के पास कोई वैकल्पिक जगह भी नहीं है। कुछ कचरा पाडला रोड ड्रेन पर डाला गया। अब जींद रोड पर ड्रेन के पास कचरा डाला जा रहा है। शहर से रोजाना करीब 60 टन कचरा उठाया जाता है। गांव भैणीमाजरा के पास नगर परिषद की जमीन है। जहां कचरा प्लांट शिफ्ट करने की मांग की जा रही है।

प्लांट को करें शिफ्ट

किसान सुखपाल व सतपाल ने बताया कि जब तक कचरा समतल नहीं होता और दवाई का छिड़काव नहीं किया जाता, कचरा नहीं डालने दिया जाएगा। प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए दस दिन समय मांगा है। समय पूरा होने के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो धरना दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा। पहले भी तीन महीने का आश्वासन देकर मांग पूरी नहीं की गई। जब तक कचरा प्लांट दूसरी जगह शिफ्ट नहीं होता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

काम पूरा, कचरे को किया समतल

नप मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने कहा कि कचरा प्लांट पर लगभग काम पूरा हो चुका है। कचरा समतल कर दिया गया है। अब दवाई का छिड़काव भी कर दिया जाएगा। किसान फिलहाल कचरा नहीं डालने दे रहे हैं। ऐसे में शहर से बाहर खाली जगह देखकर कचरा डाला जा रहा है।

Posted By: Jagran