जागरण संवाददाता, कैथल : बुधवार को आसमान में चढ़ी धूल से मौसम का मिजाज बदल गया है। पूरा दिन हवाओं के चलते रेत की बारिश सी होती रही। हर तरफ धूल ही धूल चढ़ गई। इस कारण लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत आई, खासकर दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में सांस रोगियों की संख्या बढ़ गई। अधिकतम तापमान 42.0 व न्यूनतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम को देखते हुए अगले एक दो दिनों में बरसात होने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।

कौल कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के बाद आसमान में धूल चढ़ गई है। बरसात होने के कारण ही आसमान साफ होगा।

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आसमान से बरसती रही धूल

मंगलवार को मौसम साफ था, लेकिन भीषण गर्मी व तेज धूप का प्रकोप था। बुधवार को सुबह से ही आसमान से धूल बरसती रही। इस कारण लोगों को सांस लेने में खासी दिक्कत आई। धूल के चलते आंखों में जलन रही। आसमान में चढ़ी धूल से सूर्यदेव भी छिप रहे। लोगों को धूप से तो राहत मिली, लेकिन धूल के कारण दिनचर्या प्रभावित हो गई। इस मौसम के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे। बुजुर्ग व बच्चों को इस मौसम में ज्यादा दिक्कत हुई। दो पहिया वाहन चालकों ने मुंह पर कपड़ा बांधकर सफर किया। इस मौसम का असर बाजारों पर भी देखने को मिला। शहर के मेन बाजार, सराफा बाजार, तलाई बाजार, छात्रावास रोड, रेलवे गेट मार्केट में भी आवाजाही कम रही।

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स्वास्थ्य को नुकसान : शर्मा

शाह अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि आसमान में धूल चढ़ना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। खासकर

बुजुर्ग व बच्चों को इस मौसम से बचाकर रखें। धूल के कारण साफ हवा की कमी हो जाती है जो सांस के मरीजों के लिए परेशानी पैदा करती है। इससे सांस व दमे के मरीजों को बहुत नुकसान होता है। आसमान से बरस रही धूल के चलते अस्पताल में ओपीडी ज्यादा रही। सांस लेने में परेशानी के चलते मरीज इलाज के लिए पहुंचे।

चिकित्सक ने बताया कि इस मौसम में खास सावधानी बरतने की जरूरत है। सफर न करें, यदि ज्यादा जरूरी हो तो मास्क लगाकर घरों से निकले। पेयजल व फल का सेवन ज्यादा करें। आंखों पर चश्मा लगाएं।

Posted By: Jagran