जागरण संवाददाता, कैथल : कोरोना के कारण लगे लाकडाउन से सरकारी विभागों के कार्य भी प्रभावित हो गए थे। नगर परिषद की आय भी बहुत कम हो गई थी। अब जैसे-जैसे लाकडाउन में छूट दी जा रही है वैसे-वैसे नगर परिषद की आय भी बढ़ने लगी है। मई माह में नगर परिषद को मात्र साढ़े तीन लाख रुपये प्रापर्टी टैक्स ही प्राप्त हुआ था। जून माह के 14 दिनों में ही करीब छह लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है। प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए शहर के लोग अब नप कार्यालय में पहुंच रहे हैं। लोगों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए नप की प्रापर्टी शाखा में चार काउंटर बनाए हुए हैं। सरकार की तरफ से प्लाट रजिस्ट्री करवाने के नगर परिषद से एनओसी लेनी अनिवार्य की हुई है। ऐसे में जब तक नप का पूरा टैक्स जमा नहीं करवाया जाता तब तक एनओसी जारी नहीं हो पाती है। इस नियम के आने के साथ नप की सालाना आय दोगुनी हो गई है। वहीं इसके अलावा नप की दुकानों के किराए से संबंधित आमदनी बढ़ गई है। मई में नप को मात्र तीन लाख रुपये किराया प्राप्त हुआ था तो जून के 15 दिनों में ही साढ़े तीन लाख रुपये जमा हो चुके हैं।

सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया

नगर परिषद का सरकारी विभागों पर करीब दस करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। इस बारे में कई बार विभागों को नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन उसके बाद भी सरकारी विभाग टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। अकेले शुगर मिल पर दो करोड़ 20 लाख रुपये का टैक्स बकाया है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि जून माह में नगर परिषद को आमदनी ज्यादा हो रही है। इससे पहले लाकडाउन के कारण आय बहुत कम हो गई थी। टैक्स जमा करवाने वाले लोगों को परेशानी ना हो इसके लिए चार काउंटर बनाए गए हैं।

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