सुरेंद्र सैनी, कैथल

जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे नशामुक्ति केंद्र को मरीजों का इंतजार हैं। 10 माह में मात्र आठ मरीज ही केंद्र में दाखिल हुए हैं, जबकि 204 मरीजों की ओपीडी रही है। केंद्र तक मरीज क्यों नहीं पहुंच रहे हैं, इसे लेकर विभागीय अधिकारी भी गंभीर नहीं है, हालांकि स्टाफ की तरफ से केंद्र में नशा का इलाज लेने के लिए लोग पहुंचे। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अब तक 50 स्कूल और 12 कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन मरीज केंद्र तक क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य महानिदेशक और एनआरएचएम की तरफ से यह केंद्र चलाया जा रहा है, प्रतिमाह सात लाख रुपये का बजट खर्च हो रहा है। एक चिकित्सक सहित 15 का कुल स्टाफ कार्यरत हैं। 24 घंटे यहां सेवाएं देने का दावा किया जा रहा है।

दाखिल और इलाज लेने के लिए पहुंचे मरीजों की संख्या

माह - दाखिल ओपीडी

जनवरी से मार्च तक 0 49

अप्रैल 0 12

मई 0 48

जून 0 16

जुलाई 0 13

अगस्त 4 31

सितंबर 2 40

अक्टूबर 2 30 बाक्स-

खाली बैठा रहता स्टाफ

अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र दूसरी मंजिल पर चल रहा है। पहले नशा रोगियों की जांच के लिए ग्राउंड तल पर ओपीडी बनाई गई थी, लेकिन अब दूसरी मंजिल पर कार्यालय और रोगियों के लिए वार्ड बना दिए गए हैं। दिन-रात यहां स्टाफ ड्यूटी पर रहता है। मुख्य चिकित्सक सहित मूल्यांकन एवं निगरानी चिकित्सक, दो नर्स, रिकार्ड रजिस्टर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सुरक्षा गार्ड, कुक सहित 15 स्टाफ हैं, लेकिन मरीज न होने के कारण दिन-रात स्टाफ खाली बैठने को मजबूर हैं। कुक तो रखा हुआ है, लेकिन खाना तैयार करने के लिए किसी भी प्रकार का प्रबंध नहीं है।

जिले में तेजी से बढ़ रही नशा रोगियों की संख्या

जिलेभर में नशा रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गुहला क्षेत्र में नशा के मरीजों की संख्या ज्यादा है। कैथल शहर में भी नशा के काफी मरीज हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 25 से 30 हजार नशा रोगी हैं। नशा न छोड़ने के कारण घरेलू कलह के मामले बढ़ रहे हैं। यहां के लोग नशा रोगियों को दूसरे जिलों और राज्यों में नशा छुड़वाने के लिए ले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि नशा रोगियों की संख्या को रोकने के लिए विभाग को जागरूकता अभियान चलाते हुए केंद्रों में सुविधा दी जानी चाहिए। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि नशामुक्ति केंद्र में इलाज के लिए आ रहे मरीजों को बेहतर सुविधा मिल रही है। पीछे कुछ कमियां रही हैं, उन्हें दूर करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठाएं इसके लिए जागरूक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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