जागरण संवाददाता, कैथल : नगर परिषद में हाउस की अंतिम बैठक बुलाने को लेकर नप अधिकारियों और पार्षदों में तकरार जारी है। 31 में से 15 पार्षद सात एजेंडों को लेकर बैठक बुलाना चाहते हैं, जबकि नप कार्यकारी अधिकारी बैठक का पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। 14 दिन पहले पार्षदों ने पत्र दिया था, लेकिन अभी तक बैठक नहीं बुलाई गई। नप कार्यकारी प्रधान भी ईओ को लिखित और मौखिक रूप से बैठक बुलाने को लेकर निर्देश दे चुके हैं। बृहस्पतिवार को कार्यकारी प्रधान डा. पवन थरेजा, पार्षद मोहन लाल, पार्षद संजय भौरिया डीसी प्रदीप दहिया से मुलाकात की। डीसी को पूरे मामले के बारे में अवगत करवाया गया और नप अधिकारियों को बैठक बुलाने के निर्देश देने की अपील की। बैठक बुलाने को लेकर पार्षदों के पास सोमवार तक का समय है। 22 जून को पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। दूसरी तरफ, नप ईओ के निदेशालय को लिखे गए एक पत्र ने मामले को उलझा दिया है। वहीं, पार्षदों का कहना है कि शुक्रवार को बैठक को लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में कानूनी सलाह लेकर बैठक से संबंधित निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। डोर-टू-डोर कचरा उठान का टेंडर मुख्य एजेंडा

पार्षदों की तरफ से सात एजेंडों पर चर्चा की जानी है, जिसमें मुख्य एजेंडा डोर-टू-डोर कचरा उठान के टेंडर का भी मुद्दा शामिल है। कुछ पार्षद एजेंसी के कार्य से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि एजेंसी एनजीटी के नियमानुसार कार्य नहीं कर रही है। इसके अलावा शहर में खराब लाइट व्यवस्था, विकास कार्य और सीएम घोषणा के तहत मंजूर हुई साढ़े दस करोड़ रुपये की ग्रांट को लेकर बैठक में चर्चा की जानी है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि बैठक के संबंध में निदेशालय को पत्र लिखा हुआ है। वहां से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान डा. पवन थरेजा ने बताया कि बैठक को लेकर ईओ और जिला पालिका आयुक्त से मिल चुके हैं। बृहस्पतिवार को डीसी को भी पत्र सौंप दिया गया है। शुक्रवार को इस मामले में कानूनी सलाह लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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