जागरण संवाददाता, कैथल : जिलेभर के निजी स्कूलों में 134ए के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को अब कोई परेशानी नहीं होगी। सरकार की ओर से जिला शिक्षा विभाग को इस नियम के तहत चार करोड़ 68 लाख रुपये जारी किए गए हैं। तीन साल से प्राइवेट स्कूल संचालकों को इस नियम के तहत यह राशि नहीं मिल रही थी। इस बार स्कूल संचालकों ने राशि ने मिलने के कारण सरकार से आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया था। सरकार के आश्वासन के बाद ही बच्चों को एक नियम के तहत दाखिला दिया गया था। स्कूल संचालकों की एक मांग थी कि उनकी राशि जल्द से जल्द दी जाए। अगर राशि नहीं मिलती तो बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती थी। अब शिक्षा विभाग की ओर से राशि जारी कर दी गई है। इस राशि को लेने के लिए स्कूल संचालकों को एक आवेदन पत्र भर कर देना होगा। उसमें बच्चे की फीस और उसकी पूरी जानकारी देनी होगी। अगर आवेदन ठीक से नहीं किया गया तो राशि नहीं दी जाएगी।

विभाग की ओर से कुछ शर्ते भी रखी गई हैं, जिनका पालन करना निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य है। हालांकि स्कूल संचालक नियमों में बदलाव करने की मांग कर चुके हैं।

चार हजार विद्यार्थी ले रहे हैं शिक्षा

नियम 134ए के तहत जिले के तीन सौ प्राइवेट स्कूलों में करीब चार हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उनकी फीस शिक्षा विभाग की ओर से ही दी जानी है। फिलहाल विभाग के पास सात आवेदन ही राशि लेने के लिए आए हैं। इनमें से कैथल ब्लाक से एक, राजौंद ब्लाक से तीन, कलायत ब्लाक से दो और गुहला ब्लाक से एक आवेदन आया हुआ है।

ये शर्ते पूरी करने में हो रही परेशानी

जो बच्चा किसी भी स्कूल से तीन साल पहले पढ़कर जा चुका है, उस बच्चे से फार्म भरवाकर अभिभावकों के हस्ताक्षर कराने होंगे। ऐसे में स्कूल संचालकों को बच्चों को ढूंढ़ने में परेशानी हो रही है। राशि लेने के लिए स्कूल को अलग से खाता खुलवाना होगा, जिसमें दूसरा कोई लेन-देन नहीं किया जा सकता। नया खाता खुलवाने के कई नियम हैं और समय भी ज्यादा लग जाता है।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के राज्य सचिव वरुण जैन ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद विभाग के पास यह राशि आई है। तीन सालों से निजी स्कूल बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन राशि नहीं मिली थी। विभाग की ओर से जो आवेदन पत्र लिया जा रहा है उसकी कुछ शर्ते कठोर हैं। सरकार और विभाग की शर्तो में बदलाव करना चाहिए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही ने बताया कि सरकार की ओर से नियम 134ए के तहत चार करोड़ 68 लाख रुपये भेजे गए हैं। राशि लेने के लिए स्कूल संचालकों को आवेदन शर्तो के अनुसार ही देना होगा। पूरी जानकारी नहीं दी गई तो राशि जारी नहीं की जाएगी।

Posted By: Jagran

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