जागरण संवाददाता, कैथल : शहर में स्ट्रीट लाइटों की गंभीर समस्या बनी हुई है। नप की तरफ से डिवाइडरों पर लगी स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर को लेकर दस लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वार्डो में लगी स्ट्रीट लाइटों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के 31 वार्डो में करीब दस हजार 200 स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। हर वार्ड में 300 से 350 के करीब लाइटें लगी हुई हैं। सभी वार्डो में करीब दो हजार लाइटें खराब पड़ी हैं। पहले तो ज्यादातर पार्षद रोजाना नगर परिषद कार्यालय आते थे और खराब लाइटों को लेकर नप में बनाए गए शिकायत केंद्र में शिकायत दर्ज करवा देते थे। अब पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। हालात ये हैं कि कुछ कालोनियों में तो कई-कई महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। खराब लाइटों की सबसे ज्यादा समस्या शक्ति नगर, हरिनगर, प्योदा रोड, शेरगढ़ रोड, हरसौला बस्ती, फ्रेंडस कालोनी, बलराज नगर, देवीगढ़ रोड पर बनी हुई है। नई लाइटें लग नहीं रही हैं और कई साल पहले लगी लाइटें अब खराब हो चुकी हैं। ऐसे में शहर के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गलियों में अंधेरा रहने के कारण चोरी की घटनाएं होने का डर लगा रहता है।

खंभों से लाइटें भी हो चुकी हैं चोरी

शहर के वार्डो में कई गलियां ऐसी हैं, जहां लाइटों के लिए खंभे तो लगे हुए हैं, लेकिन लाइटें नहीं लगी हुई। करीब 100 लाइटें खंभों से चोरी हो चुकी हैं। कुछ जगहों पर खराब लाइटों को ठीक करने के लिए उतारा गया था, लेकिन लाइटें ठीक नहीं हो पाई। लंबे समय से नई लाइटें नहीं लगाई जा रही हैं। ऐसे में जो लाइट खराब हो जाती है उसकी रिपेयर का ना होने पर खंभा खाली ही रहता है।

वार्डो में खराब स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर को लेकर ठेका दिया हुआ है। नगर परिषद कार्यालय में शिकायत केंद्र बनाया हुआ है, जहां रोजाना 10 से 20 खराब लाइटों की शिकायतें आ रही हैं। उनकी टीम को जहां से भी खराब लाइट की सूचना मिलती है उसे ठीक करवा दिया जाता है।

सोमबीर, नगर परिषद जेई और बिजली शाखा के इंचार्ज।

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