विक्रम पूनिया, कैथल

सरकार ने स्कूलों के माध्यम से जुलाई महीने में पौधगिरी अभियान शुरू किया था। इसके तहत प्रदेश में 22 और कैथल में एक लाख से ज्यादा पौधे रोपने का दावा किया गया था।

कैथल में सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर व खाली स्थानों पर पौधरोपण किया था। अब रोपे गए इन्हीं पौधों की जिओ टै¨गग के आदेश विभाग ने दिए थे, लेकिन इनकी अनुपालना नहीं होने से विभाग ने फिर से आदेश जारी किए हैं।

असमंजस में शिक्षक

जिन-जिन स्कूलों में अभियान के तहत पौधरोपण किया गया था। वहां के स्कूल इंचार्ज और कलस्टर हेड को यह जिम्मेदारी दी गई है कि हर विद्यार्थी पौधे के साथ अपनी फोटो अपलोड करे। हालांकि शिक्षकों को यह कार्य मुश्किल लग रहा है, क्योंकि कई स्कूलों में तो अभियान के तहत एक भी नया पौधा नहीं लगाया गया था। अब वह सेल्फी कौन से पौधों के साथ लेकर अपलोड करेंगे यह समस्या खड़ी हो गई है।

फोटो अपलोड करने पर ही मिलेगी प्रोत्साहन राशि

विभाग की ओर से स्कूलों को हरा भरा बनाने व विद्यार्थियों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने के लिए हर छह महीने में तीन साल तक 50 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की बात कही थी। अब जो विद्यार्थी पौधे की जिओ टै¨गग करेगा, उसके लिए ही यह राशि जारी होगी।

पहले दो कक्षाओं में जिओ टै¨गग

स्कूलों में जिओ टै¨गग के लिए पहली दो कक्षाओं का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान यह कार्य करना है। अगर किसी स्टाफ या ¨प्रसिपल को समस्या आती है तो वह कलस्टर या स्कूल के कंप्यूटर एक्सपर्ट से संपर्क कर सकते हैं, जिन्हें इस संबंध में पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

यह अच्छी पहल

जिला शिक्षा अधिकारी जो¨गद्र ¨सह हुड्डा ने कहा कि जिओ टै¨गग से पता चलता है कि सरकार व विभाग पौधों को जीवित रखने के लिए कितना संजीदा हैं। यह अच्छी पहल है। सभी स्कूलों को आदेश दिए जा चुके हैं। कैथल पौधा अभियान में अव्वल रहा था और इस कार्य भी जिले के स्कूल अग्रणी रहेंगे।

Posted By: Jagran