जागरण संवाददाता, कैथल : राजकीय कन्या स्कूल जाखौली अड्डा में लगे तीन दिवसीय मेले में दूसरे दिन भी विद्यार्थी अपनी पसंदीदा साइकिल ढूंढते रहे। मेले में साइकिल के विकल्प कम ही थे। विक्रेताओं का कहना है कि विद्यार्थी जो राशि विभाग की तरफ से दी जानी है, उसी के अनुसार ही अपनी साइकिल चुनते हैं। पिछली बार मेले में बहुत विकल्प दिए थे, लेकिन विद्यार्थियों ने अतिरिक्त पैसे खर्च कर खरीदारी में रुचि नहीं दिखाई थी। इसलिए इस बार विकल्प कम रखे गए हैं। उन्हीं साइकिल की प्रदर्शन लगाई गई है जो विभाग की तरफ से दी जाने वाली राशि के दायरे में आती है।

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सैकड़ों विद्यार्थी पहुंचे

साइकिल चुनने के लिए

मेले में दूसरे दिन साइकिल चुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। विद्यार्थियों ने निराश मन से साइकिल भी चुन ली और 570 का एग्रीमेंट भी हो गया। वास्तविकता ये है कि मेले में विकल्प मिलने से विद्यार्थी महंगे भाव की साइकिल चुनना पसंद करते हैं, लेकिन विद्यार्थियों को 20 इंच साइज के लिए 3300 व 22 के लिए 3500 रुपये दिए जाते हैं। इससे ज्यादा रुपये की साइकिल पसंद और एग्रीमेंट करने पर अतिरिक्त राशि का बोझ अभिभावकों को उठाना पड़ता है। अभिभावक अधिक राशि नहीं करना चाहते हैं, जिससे विद्यार्थी मेले में पहुंचकर भी वही पुराने स्टाइल की साइकिल मन मारकर पसंद करते हैं।

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जिला शिक्षा अधिकारी जो¨गद्र ¨सह ने कहा कि विक्रेताओं को निर्देश दिए जाएंगे कि वह अधिक विकल्प विद्यार्थियों को दें। अभिभावक बच्चे से बातचीत करें और पहले ही मन बनाकर आएं किस रेंज में साइकिल लेनी है। अगर विद्यार्थी को स्टाइलिश साइकिल पसंद आती है तो उसके लिए अभिभावकों को भुगतान करना होगा।

Posted By: Jagran