जागरण संवाददाता, कैथल : जिला परिषद में वर्ष 2020-21 में हुए विकास कार्यों को लेकर गोलमाल के आरोपों को लेकर राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम जांच करेगी। करीब 45 करोड़ रुपये के विकास कार्यों करवाए गए हैं। इस बारे में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा व भाजपा के विधायक लीलाराम ने आरोप लगाए थे कि कैथल जिला परिषद में सफाई, गली, नालियों, चौपाल व रिचार्ज बोर के नाम पर करीब 20 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

निदेशक विकास एवं पंचायत विभाग से प्राप्त राशि का पूर्ण विवरण एवं पूरा रिकार्ड दस्तावेजों सहित तलब किया है। विभाग से पूछा गया है कि टेंडर प्रक्रिया से करवाया गया या ये कार्य विभाग ने किए हैं। इन विकास कार्यो को शुरू करवाने से लेकर पूरा होने तक किन अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदारों की सूची मांगी गई है। टेंडर प्रक्रिया की पूर्ण रूप से जानकारी भी मांगी गई है कि टेंडर कम किसके नाम किया। इसके अलावा कार्य के लिए भुगतान करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इस प्रकार की जांच शुरू होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस मामले को लेकर कई विभागीय अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं।

सफाई घोटाले को लेकर दिया था धरना

जिला परिषद की वार्ड नंबर सात से पार्षद सुदेश उर्फ बबली ने अपने पति बिल्लू चंदाना के साथ दो दिन पहले जिला परिषद में सांकेतिक धरना देते हुए सफाई घोटाला के दोषियों के खिलाफ केस दर्ज व रिकवरी की मांग की थी। करीब 11 करोड़ रुपये का गबन करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि गांव में सफाई के नाम पर आठ फर्मो को उक्त राशि जारी की गई है, लेकिन गांव में सफाई तक नहीं हुई।

जिला परिषद की तरफ से राज्य चौकसी ब्यूरो दस्तावेजों सहित रिकार्ड दे दिया गया है। इस मामले की जांच राज्य चौकसी ब्यूरो कर रही है।

कुलधीर सिंह, सीईओ, जिला परिषद।

उन्होंने जिला परिषद के सीईओ से दस्तावेजों सहित रिकार्ड मांगा है। उन्होंने जांच के लिए वर्ष 2020-21 का रिकार्ड मांगा है।

सुरेश कुमार, निरीक्षक, राज्य चौकसी ब्यूरो।

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