जागरण संवाददाता, कैथल : गांव जाजनपुर के राजकीय उच्च विद्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण को लेकर व्यख्यान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के मुख्याध्यापक रघुबीर सिंह ने की। जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि लगभग 400 साल पहले अब्दुल रहीम खान ने कहा था रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे-मोती मानुष चून। विष्णु पुराण में कहा गया है कि जो जल मेघो द्वारा बरसाया जाता है, वह प्राणियों के लिए अमृत स्वरूप है और वह जल मनुष्यों के लिए औषधियों का पोषण करता है। यदि हम भारत के संदर्भ में बात करें तो वहीं देश में 22.50 प्रतिशत देहाती आबादी पानी के संकट से जूझ रही है। वहीं, दूसरी तरफ 65 प्रतिशत बरसात का पानी समुद्र में चला जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (द फूड एंड एग्रीकल्चर एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन आफ द यूनाइटेड नेशन) के 2017 के एक अध्ययन से पता चलता है कि भारत की प्रति व्यक्ति भंडारण क्षमता काफी कम है। जहां वार्षिक वर्षा का केवल आठ प्रतिशत संग्रहित किया जा रहा है। दीपक कुमार ने ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की गठन उसके कार्य और उसकी जिम्मेदारी के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि पानी बचाएं नहीं तो घर-घर लड़ाई होगी। इस मौके पर बीआरसी साहिब सिंह, स्कूल के मुख्य अध्यापक रघुबीर सिंह, प्रवीण कुमार, सुरेश कुमार, मनोज कुमार, योगिता मौजूद थे।

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