संवाद सहयोगी, कलायत :

डीसी डॉ. प्रियंका सोनी की ओर से अधिकारियों कर्मचारियों की मौजूद और कामकाज को गति देने के लिए शुरू की गई औचक निरीक्षण के बाद भी कलायत में राजस्व विभाग सबक नहीं ले रहा। श्री कपिल मुनि धाम के सामने पटवार कार्यालय में पटवारियों की अनुपस्थिति और लेट लतीफी से लोग परेशान हैं। बृहस्पतिवार को विभिन्न कार्यो के लिए पटवार कार्यालय आने वाले लोगों के सब्र का पैमाना छलक गया। इस स्थिति से भड़के लोगों ने पटवारियों के खिलाफ नारेबाजी की।

राजबीर बिट्टू, सोनू, पृथ्वी सिंह, हरिकेश, प्रवीण शर्मा, कमलेश और दूसरे लोगों ने बताया कि कार्यालय में पटवारियों के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। इसके साथ ही एक पटवारी का रवैया बेहद असहनीय है। न तो यह कर्मी सरकारी काम में रुचि लेता है और न ही लोगों के साथ व्यवहार बेहतर है। ये अधिकारियों और राजनेताओं को अपनी जेब में बताता है। जब भी किसी समस्या को लेकर लोग इस कर्मी से फोन करते हैं तो यह काल रिसीव नहीं करता। कलायत एवं आसपास क्षेत्र के कई गांव के पटवारियों के बैठने के लिए जगह निर्धारित की गई है। फील्ड में जाने की आड़ में कर्मी फरलो पर रहते हैं। इससे विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों के लिए तस्दीक करवाने वाले लोगों को बेहद गंभीर समस्या से दो चार होना पड़ता है।

नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने बताया कि विभागीय कामकाज में गति लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए एक और पटवारी की नियुक्ति कार्यालय में की गई है।

बाक्स- निर्देशों को लेकर सजग नहीं

समाज सेवी संगठनों का कहना है कि पटवार कार्यालय में तैनात पटवारियों की सूची कार्यालय के बाहर चस्पा की जानी चाहिए। प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि सरकारी कार्यालय में हर कर्मी का ब्योरा अपडेट रहना चाहिए। ताकि कर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित रहे। इसके बावजूद भी राजस्व विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर जिस प्रकार कलायत में लोगों ने प्रदर्शन किया उससे जाहिर है कि विभाग गृह मंत्री के निर्देशों को लेकर सजग नहीं है।

Posted By: Jagran

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