संवाद सहयोगी, सीवन: जन स्वास्थ्य विभाग ने सीवन में घरों में पेयजल आपूर्ति के लिए नलों के कनेक्शन दिए हुए हैं। इन कनेक्शनों पर पहले विभाग की ओर से 20 रुपये प्रति महीने की दर से बिल वसूल किया जाता था जोकि हर छह माह के बाद लिया जाता था। छह महीनों का बिल 120 रुपये होता था, लेकिन इस बार विभाग ने बिना किसी नोटिस के पानी का बिल 20 रुपये प्रति महीने से बढ़ा कर दोगुना यानी 40 रुपये प्रति महीने कर दिया है। इस बार बिल भी छह की बजाय 9 महीने का दिया है जोकि लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। इस बार लोगों को 120 रुपये की बजाए 360 रुपये बिल के लिए अदा करने पड़ रहे हैं। इससे लोगों की जेब ढीली हो रही है। जन स्वास्थ्य विभाग ने सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग के लिए पानी के बिलों को दोगुना कर दिया है और अनुसूचित जाति के लिए पानी के बिलों को 20 रुपये प्रतिमाह ही रखा है।

विजय सरदाना, नरेश मित्तल, राम कुमार वधवा, हरीप्रीत झब्बर बिल्लू, विक्की आहुजा, मुकेश तनेजा, राकेश सरदाना, रमेश कुमार रहेजा, जरनैल ¨सह धन्जू ने बताया कि पहले पानी का बिल कम आता था, लेकिन इस बार अचानक से ही बिल बहुत अधिक आया है। आम आदमी के लिए यह बिल भरने मुश्किल हैं। अगर समय पर बिल नहीं भरा जाता है तो दस प्रतिशत के हिसाब से 36 रुपया जुर्माना भरना होगा। पानी हर आदमी की और हर घर की जरूरत है और यह पानी मुहैया करवाना भी सरकारी की जिम्मेवारी है, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेवारी से दूर भाग रही है। लोगों से पानी के अनाप शनाप बिल वसूल किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पानी के बिलों को ठीक किया जाए और पुरानी दरों पर पानी के बिल लिए जाएं।

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