संवाद सहयोगी, पूंडरी : गांव फतेहपुर में समस्याओं का अंबार लगा है। इस कारण यहां के ग्रामीण परेशान है। गांव में कई स्थानों पर गंदगी का साम्राज्य फैला है, लेकिन ग्राम पंचायत इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। गांव फतेहपुर में बस स्टेंड के पास सिनेमा मार्केट के साथ वाली गली हो या करनाल रोड पर लोक निर्माण विश्राम गृह, हर स्थान पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इसके साथ ही वृद्धाश्रम फतेहपुर के पास नालियों का गंदा पानी सड़क पर आ रहा है जिससे यहां पर जलभराव रहता है। ग्राम पंचायत का सफाई व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के चलते गांव में बीमारियां फैलने का डर बना है। समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ ग्रामीण रोशनलाल ने बताया कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ। शिकायत करने पर ग्राम पंचायत नालियों की सफाई करवा देती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात जस के तस हो जाते है। करनाल रोड़ पर लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के पास मुख्य रोड़ पर ही गंदगी के ढेर लगे हुये है। ग्रामीण मोहन राणा ने बताया कि आस-पास के लोग रोजाना इस ढेर पर गंदगी डाल जाते है, जिस कारण आवारा जानवरों का जमघट यहां लगा रहता है। बेसहारा जानवरों के कारण हादसों का भय :

ग्रामीण बिट्टू दुआ ने बताया कि बेसहारा जानवरों के कारण यहां हर समय हादसों का भी भय बना रहता है। उधर देवी मंदिर के पास वृद्ध आश्रम के पीछे भी कमोवेश यही हालात है। वरिष्ठ नागरिक चतुरभुज शर्मा व जयभगवान आदि ने बताया कि बार-बार शिकायत करने पर थोड़ी बहुत सफाई कर दी जाती है, लेकिन स्थिति फिर से जस की तस हो जाती है। नहीं हो रहा समाधान :

ग्रामीण अमित व श्यामलाल ने बताया कि ग्रामीणों ने गांव में पनपी समस्याओं को लेकर कई बार जिला प्रशासन से समाधान की मांग की है, लेकिन इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वे पंचायत व जिला प्रशासन से इस समस्या का स्थाई समाधान करवाने की मांग करते हैं। सरपंच प्रतिनिधि गौरव वालिया ने कहा कि गांव में स्थित वृद्धाश्रम के पास की जो समस्या थी वो तालाब के ओवरफ्लो होने के चलते थी। अब तालाब के पानी को निकाल दिया गया है और सिनेमा हाल के पास वाली गली को फिर से बनाया जाएगा। इस गली पर जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। जिससे लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी। यह है गांव का इतिहास :

गांव का इतिहास 300 साल पुराना है। यहां पर माता मनसा देवी का ऐतिहासिक मंदिर है। यहां पर पूजा करने के लिए पहुंचे लोगों ही यहां पर बस गए थे। गांव के शहीद गिरधर लाल अहलूवालिया के नाम से भी यह गांव प्रसिद्ध है। आजादी से पहले अंग्रेजों ने शहीद गिरधर लाल अहुलवालिया को रक्षा बंधन के दिन तोप से बांधकर उसे मृत्यु दंड दिया है। इस गांव में उसी समय से रक्षा बंधन का पर्व भी कोई नहीं मनाता था। यह पर्व कुछ वर्षाें पहले मनाना शुरू किया गया। गांव में 10 हजार मतदाता है, इसकी आबादी करीब 25 हजार है। गांव में 70 प्रतिशत लोग साक्षर है।

Posted By: Jagran

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