जागरण संवाददाता, कैथल : कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते गर्भवती महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है। जांच के लिए पहुंच रही गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस की सुविधा न मिलने के कारण भटकना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को जब दो गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस नहीं मिली तो दिक्कत बढ़ गई। जिला नागरिक अस्पताल के बाहर बैठी गर्भवती महिलाओं को दैनिक जागरण ने सिविल सर्जन से संपर्क करवाते हुए एंबुलेंस सुविधा दिलवाई। सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने पीएमओ डॉ. ओमप्रकाश को फोन कर एंबुलेंस सुविधा देने के निर्देश दिए। इसके बाद दोनों गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस से गांव भेजा गया। सिविल सर्जन ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस की सुविधा मिलती रही। मेडिकल स्टाफ को इस तरह से कोई लापरवाही नहीं बरतनी है।

सीवन गांव निवासी मनू पत्नी बलदेव ने बताया कि बुधवार रात को करीब 10 बजे दिक्कत होने पर सीवन के सिविल अस्पताल गए थे। यहां से एंबुलेंस में जिला नागरिक अस्पताल भेज दिए। रात को करीब 12 बजे यहां आए। खून के सैंपल लेकर दवाई देने के बाद बृहस्पतिवार को घर जाने के लिए कह दिया। जब एंबुलेंस मांगी तो इंकार कर दिया, बोले की प्राइवेट एंबुलेंस करके घर चले जाओ, एंबुलेंस नहीं मिली। अब उनके पास इतने पैसे भी नहीं है कि बाहर से एंबुलेंस ले जाए। दैनिक जागरण ने गर्भवती महिला का सहयोग करते हुए सिविल सर्जन से बातचीत करवाई और इसके बाद सुविधा मिलने पर महिला घर पहुंचे। महिला और उसके स्वजनों ने इसके लिए दैनिक जागरण का आभार जताया।

वहीं मटौर गांव निवासी सीमा ने बताया कि सुबह छह बजे दिक्कत होने पर कलायत के सिविल अस्पताल आए थे। वहां से एंबुलेंस में जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया। दवाई देने के बाद घर जाने को कहा, लेकिन एंबुलेंस नहीं दी। दो घंटे से अस्पताल के बाहर बैठे रहे, लेकिन कोई साधन नहीं मिला। दैनिक जागरण ने इस गर्भवती महिला की भी सहायता करते हुए सरकारी एंबुलेंस मुहैया करवाई। -----------

Posted By: Jagran

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