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कैथल में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों की अब खैर नहीं! प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कसेगा शिकंज; दो टीमें गठित

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:06 PM (IST)

कैथल जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें भी शिकंजा कसेंगी, जिसके लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है।

अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसेगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दो टीमें गठित।

अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसेगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दो टीमें गठित।

HighLights

  1. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसा।

  2. दो विशेष टीमें गठित, जिलेभर में करेंगी निरीक्षण और कार्रवाई।

  3. पुलिस ने 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में पटाखे जब्त किए।

सुनील जांगड़ा, कैथल। जिले में अवैध रूप से पटाखे बनाने वाली फैक्ट्रियों पर अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें भी शिकंजा कसेंगी। इसके लिए बोर्ड की तरफ से दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें जिलेभर में अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण कर अवैध रूप से पटाखे बनाने वाली फैक्ट्रियों का पता लगाएंगी।

जांच के दौरान यदि कहीं नियमों के विरुद्ध पटाखे बनाने का मामला सामने आता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला पुलिस भी अवैध रूप से पटाखे बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चला रही है। पुलिस ने पिछले दो माह के दौरान 21 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से 3200 किलो पटाखे और 870 पेटियां पटाखों से भरी बरामद की हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. विशाल अरोड़ा ने अवैध पटाखा निर्माण पर रोक लगाने के लिए एसडीओ मनदीप पठानियां और एसडीओ शशि प्रकाश के नेतृत्व में दो टीमें बनाई हैं। दोनों टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण करेंगी। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि कहीं किसी स्थान पर बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर पटाखों का निर्माण तो नहीं किया जा रहा है।

यदि किसी जगह अवैध फैक्ट्री संचालित होती मिली तो संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पटाखों का अवैध निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। ऐसे स्थानों पर ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण आग लगने और हादसे होने की आशंका बनी रहती है। इसके साथ ही पटाखों के निर्माण और इस्तेमाल से होने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाने का कारण बन सकता है।

पुलिस टीमों ने इतने पटाखे और पेटियां किए जब्त

  • 25 अगस्त को पूंडरी चौकी पुलिस ने पूंडरी से 720 किलो पटाखे पकड़े और एक आरोपित को गिरफ्तार किया।
  • 13 सितंबर को सीआइए कलायत ने करनाल रोड कैथल से 571 पेटी पटाखे पकड़े और पांच आरोपित गिरफ्तार किए।
  • एक अक्टूबर को पूंडरी थाना पुलिस ने गांव फरल से 157 किलो पटाखे पकड़े और एक आरोपित काबू।
  • पांच अक्टूबर को सीआइए कलायत ने गांव बात्ता फैक्ट्री से 134 पेटी पटाखे पकड़े और दो आरोपित काबू।
  • 13 अक्टूबर को सीआइए कलायत ने गांव फतेहपुर से 300 किलो पटाखे पकड़े और छह आरोपित काबू।
  • 17 अक्टूबर को सीआइए गुहला ने चीका से 33 पेटी पटाखे पकड़े और एक आरोपित काबू।
  • 19 अक्टूबर को सीआइए कलायत ने गांव नरवल एक गाड़ी से 125 पेटी पटाखे पकड़े और एक आरोपित काबू।
  • 20 अक्टूबर को एसडीयू टीम ने पूंडरी से 1245 किलो पटाखे पकड़े और दो आरोपित काबू।
  • 21 अक्टूबर को एसडीयू ने पूंडरी से 458 किलो पटाखे पकड़े और एक आरोपित काबू।
  • 21 अक्टूबर को एवीटी टीम ने कांगथली दुकान से 308 किलो पटाखे पकड़े और एक आरोपित काबू।

अवैध रूप से पटाखे बनाने वाली फैक्ट्रियों की जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। एसडीओ मनदीप पठानियां और एसडीओ शशि प्रकाश अपनी-अपनी टीमों के साथ जिले में अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण करेंगे। यदि कहीं अवैध रूप से पटाखे बनाने की फैक्ट्री मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विशाल अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कैथल।