जागरण संवाददाता, कैथल : शहर के लोग अपने कार्य करवाने के लिए रोजाना नगर परिषद कार्यालय में आते हैं। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी कर शाखा के कारण हो रही है। सुबह 11 बजे कर शाखा के काउंटर पर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। इस शाखा में सभी प्रकार के प्रापर्टी से संबंधित कार्य किए जाते हैं। हालांकि करीब दस कर्मचारी यहां काम करते हैं, लेकिन उसके बाद भी लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पाते। सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को प्लाट या मकान की एसेसमेंट लेने में हो रही है। एसेसमेंट लेने आए गौरव ने बताया कि वह करीब चार महीने से नप कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। कर शाखा के कर्मचारियों ने एसेसमेंट को लेकर पटवारी की रिपोर्ट करवाने के लिए कहा था। पटवारी और जेई की रिपोर्ट होने के बाद भी उसकी एसेसमेंट जारी नहीं की जा रही है। इसके अलावा लोगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने में भी नप कार्यालय के कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब प्लाट या मकान की रजिस्ट्री करवाने के लिए पहले नगर परिषद से अनापत्ति लेनी होती है। इस प्रमाण पत्र के लिए लोगों को चार से पांच बार नप कार्यालय में आना पड़ता है। कुछ महीने पहले शहर की प्रापर्टी को लेकर सर्वे करवाया गया था। सर्वे करने वाली एजेंसी ने कई घरों की जानकारी गलत दर्ज कर ली है। ऐसे में इस जानकारी को ठीक करवाने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नहीं हो रहा कोरोना नियमों का पालन

नगर परिषद कार्यालय में लोगों को आधार कार्ड से संबंधित सुविधा देने के लिए एक कमरा दिया हुआ है। दोपहर 12 बजे कमरे के आगे लोगों की भीड़ लगी हुई थी। यहां ना तो दो गज दूरी नियम का पालन किया जा रहा था और ना ही लोगों ने मास्क पहना हुआ था। नप कार्यालय में जगह-जगह पोस्टर लगाए हुए हैं कि कोरोना नियमों का पालन किया जाए, लेकिन नप कार्यालय में ही नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो जाती है। इसके अलावा नप कार्यालय में बने जन सुविधा केंद्र में भी कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को नप कार्यालय में बुजुर्गो की पेंशन बनाने को लेकर कर्मचारी आते हैं, लेकिन मास्क कोई नहीं लगाकर आता।

वर्जन

कर शाखा के कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हुए हैं कि लोगों के कार्य तय समय अनुसार ही किए जाएं। कोरोना नियमों का पालन करने के लिए भी सभी कर्मचारियों को बोला हुआ है। अगर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रविद्र कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।

Edited By: Jagran