जागरण संवाददाता, कैथल: जिले में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक का खाताधारकों पर 65 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन्हें बैंक ने नॉन परफार्मिंग एसेट यानी एनपीए घोषित कर दिया है। इस राशि में से ज्यादा से ज्यादा रिकवरी के लिए बैंक अब ऋण मुक्ति शिविर लगाकर कवायद में जुटा है। बैंक के चेयरमैन अरूण कुमार नंदा ने बताया कि एनपीए हो चुके उपभोक्ताओं से इन शिविरों के माध्यम से बात की जाती है। उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में जाना जाता है और फिर वन टाइम सेटलमेंट स्कीम यानी ओटीएस के तहत उन्हें ज्यादा से ज्यादा राशि का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। पत्रकारों से बातचीत में नंदा ने बताया कि पिछले शिविर में तीन करोड़ रुपये की रिकवरी हुई थी और शुक्रवार को लगाए गए ऋण मुक्ति शिविर में भी तकरीबन इतनी ही राशि आ गई है। कैथल जिले में 65 करोड़ रुपये एनपीए खातों पर खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि यह अभियान 20 जनवरी से शुरु किया गया था। इसके तहत अभी तक 100 करोड़ रुपये के ओटीएस कर चुके हैं। अब चूंकि अप्रैल में फसल आने वाली है तो यह और बढ़ने की उम्मीद है। पूरे हरियाणा का एनपीए राशि एक हजार 50 करोड़ रुपये है, जो डिफाल्टर हो चुके हैं। नंदा ने बताया कि ऋण लेने वाले किसान व उपभोक्ताओं के सामने कई तरह की परेशानी आ जाती है। किसान की फसल खराब हो जाती है। किसी का व्यवसाय नहीं चल पाता। कोई आपदा का शिकार हो जाता है। ऐसे में ही वह एनपीए होता है। इस मौके पर हिसार क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मान, कुमार मुकेश सहित कई शाखाओं के प्रबंधक मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस