जागरण संवाददाता, कैथल : तीन माह पहले ही विद्यार्थियों की संख्या की कमी में सरकार ने 25 से कम संख्या वाले स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया था। अब विभाग ने इन आदेशों के तहत बंद किए जाने वाले नए स्कूलों की सूची बनाई है। पहले जिले में कुल 27 स्कूलों को बंद किया जाना था। छात्र संख्या बढ़ने के बाद अब जिले में केवल दो प्राइमरी स्कूल ही बंद किए जाएंगे।

हालांकि पहले लिए गए फैसले के तहत तीन मिडिल स्कूलों को भी बंद किया जाना था। अब कोई भी मिडिल स्कूल जिले में बंद नहीं होगा। यह फैसला पूरे प्रदेश में बंद किए गए 175 प्राइमरी व 75 मिडिल स्कूलों को बंद करने के तहत किया गया है। नए सत्र से इन स्कूलों में इस समय पढ़े विद्यार्थियों को इस स्कूल के समीप स्थित दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। स्कूल बंद नहीं होने से उन ग्रामीणों को राहत मिलेगी, जिनके बच्चे इन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। स्कूल बंद करने फैसले के बाद इन ग्रामीणों मायूसी थी। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में अधिकतर परिवार ऐसे होते हैं, जो मजदूरी करते हैं और उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। ऐसे में यहां पर स्कूल बंद होने की स्थिति में इन मजदूर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती। परंतु अब ऐसा नहीं होगा।

चीका ब्लाक में दो प्राइमरी स्कूल होंगे बंद :

सरकार ने पहले जहां उन स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया था, जहां विद्यार्थियों की 25 से कम है। परंतु अब यह फैसला बदलकर इसमें 10 विद्यार्थियों की संख्या को निर्धारित कर दिया है। इस संख्या में चीका ब्लाक में स्थित दो राजकीय प्राइमरी स्कूल हैं। जो बंद होंगे। यह राजकीय प्राइमरी स्कूल शुगालपुर और राजकीय प्राइमरी स्कूल करतारपुर है। यह दोनों ही स्कूलों को बंद किया जाएगा। यहां विद्यार्थियों की संख्या में 10 आंकड़ा नहीं है।

अंतिम सूची जारी की

सरकार द्वारा करीब तीन पहले स्कूलों की सूची जारी की थी। उसमें छात्र संख्या को लेकर एक प्रपोजल बनाया था। इसमें विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने को लेकर एक समय भी निर्धारित किया गया था। पहले जो सूची जारी हुई थी, वह अंतिम सूची नहीं थी। अंतिम सूची अब जारी की है। जिसमें दो प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का फैसला विभाग ने किया है। इन स्कूलों को नए सत्र में बंद कर दिया जाएगा। डा. अनिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल। --------------

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