संवाद सहयोगी, कलायत : गांव धनौरी से 21 नवंबर की शाम को अचानक गायब हुए 40 वर्षीय मनी राम का शव मंगलवार को जिला जींद के गांव हंसडहर के पास से गुजर रहे गंदे नाले में कट्टे में बंद मिला। नाले के पास खेतों में पशु चराने वाले लोगों ने भारी बदबू और कट्टे को देखने के बाद ग्रामीणों को सूचना दी। थाना गढ़ी प्रभारी पवन कुमार, पुलिस जांच अधिकारी इकबाल सिंह और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। मनी राम के पिता जगना राम, भाई बलबीर सिंह, राजा राम धनौरी, मेवा सिंह, कर्मवीर सिंह, रणधीर धीरा और राजबीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के स्वजनों का कहना है कि जिस स्थिति में मनी राम का शव मिला है, उससे यह साबित होता है कि उसे पहले गला घोंटकर मौत के घाट उतारा गया। उसके बाद हत्या की घटना पर पर्दा डालने के लिए शव को कट्टे में बंद कर गंदे नाले में डाला गया। वे पिछले कई दिनों से युवक की तलाश में लगे थे। पुलिस को भी इस संदर्भ में सूचित किया गया था। मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मनी राम का शव मिलने की सूचना मिलते ही स्वजन बिलख पड़े। स्वजनों ने नरवाना एएसपी और शीर्ष पुलिस अधिकारियों से हत्यारों की तलाश करते हुए ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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लूटपाट के इरादे से नहीं हुई हत्या

धनौरी गांव के लोगों का कहना है कि मनी राम ने घर से गायब होने से पहले जरूरी कार्य के लिए 500 रुपये जेब में डाले थे। मृतक की जेब में से अब इस राशि में से 430 रुपये मिले। मोबाइल भी कपड़ों में बंद मिला। कानों में डाली गई मुरकी भी हैं। इस प्रकार के मंजर से साफ है कि हत्या लूटपाट की बजाए किसी अन्य मकसद से की गई। मृतक का पोस्टमार्टम सोनीपत स्थित खानपुर मेडिकल कालेज में हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सुपुर्द किया गया।

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हर कोई कर रहा था तलाश

मनी राम जब से घर से गायब था, गांव के युवा सोशल मीडिया और बड़े-बुजुर्ग अपने-अपने ढंग से उसकी तलाश में लगे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार अचानक मनी राम कहां चला गया। पड़ताल में उसकी अंतिम लोकेशन जिला कैथल के गांव तितरम मोड़ की मिली थी। जबकि मंगलवार को शव जिला जींद के गांव हंसडहर के पास मिला।

Edited By: Jagran