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जागरण संवाददाता, कैथल : अगले माह मानसून दस्तक दे रहा है, लेकिन प्रशासन की पानी निकासी और बाढ़ बचाव प्रबंध पर कोई तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। सीवर लाइन और नाले बंद पड़े हुए हैं और ड्रेनों में गंदगी भरी हुई है। अंबाला रोड से लेकर खुराना रोड ड्रेन के ऊपर बनाई गई सड़क कई जगह बदहाल स्थिति में हैं। यहां सड़क टूट चुकी हैं और सुरंगें बनी हैं। तेज बरसात के बाद जल भराव से यह सड़क पानी में बह सकती हैं। 2006-07 में जब कैथल में बाढ़ आई तो ड्रेन ने ही बचाव किया था, इसके चलते शहर में पानी नहीं घुस पाया था। इसके बाद इस ड्रेन पर पत्थर लगाते हुए इसे पक्का कर दिया था। इसके बाद इस ड्रेन के रास्ते को पक्का भी कर दिया था, लेकिन अब यह सड़क कई जगह से बैठ चुकी हैं, अंदर ही अंदर सुरंग बन रही हैं। ड्रेन की तरफ बने बड़े-बड़े गड्ढों के चलते वाहन चालकों को हर समय बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। श्यामलाल और संदीप ने कहा कि बरसात के बाद तो सड़क पानी में बह जाएगी, इसलिए प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।

हलकी बरसात में लबालब हो जाता शहर

मानसून तो दूर हलकी बरसात के बाद होने वाले जलभराव को रोकने को लेकर भी प्रशासन ने कोई प्रबंध नहीं किए हैं। चार दिन पहले हुई बरसात के बाद शहर के पुराना अस्पताल रोड, रेलवे अंडरपास, हिदू स्कूल के नजदीक व रेलवे गेट पर पानी भर गया था। कई घंटों तक यहां पानी जमा रहा। पंप लगाकर अंडरपास से पानी निकालना पड़ा। रेलवे स्टेशन पार जाखौली अड्डा, मॉडल टाउन, राम नगर, पटेल नगर, सरगोदा कालोनी, उद्योग मार्ग, बैंक कालोनी, रजनी कालोनी सहित अन्य कालोनी के लोगों को कई दिनों तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि सीवरेज सफाई को लेकर किसी भी तरह के प्रबंध नहीं है। कर्मचारियों की कमी और संसाधनों का अभाव है। सीवर लाइन सफाई को लेकर मात्र एक मशीन विभाग के पास है। इसी तरह नालों में गंदगी जमा है। करनाल रोड, ढांड रोड व न्यू करनाल रोड पर नाला बंद पड़ा हुआ है। छात्रावास रोड पर नालों को कवर किया गया है, इस कारण सफाई नहीं हो पाती। दुकानदार गंदगी को नालों में डाल रहे हैं, बंद नालों से बरसात का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।

तीन जगह बनाने हैं कंट्रोल रूम

बाढ़ बचाओ प्रबंधों को लेकर प्रशासन की तरफ से कैथल, कलायत और गुहला में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। तीनों जगह बनाने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यहां स्टाफ की नियुक्त व संसाधनों का प्रबंध किया जाएगा। सोमवार से कंट्रोल रूम में वर्किंग शुरू हो जाएगी। बाक्स-

अंडरपास नहीं मौत के कुएं

रेलवे की तरफ से फाटकों के स्थान अंडरपास बनाए गए थे, लेकिन इनमें पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। कुतुबपूर के पास बनाया गया अंडरपास तो लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। यहां बरसाती पानी हर समय जमा रहता है। इस कारण वाहन चालक पटरी के ऊपर से वाहनों को ले जाने पर मजबूर हो रहे हैं। बरसात के दिनों में अंडरपास में कई फूट तक पानी भर जाता है। दो साल पहले सोलूमाजरा गांव के नजदीक अंडरपास में भरे पानी में डूबने से दो बच्चों सहित तीन की मौत हो गई थी। लोगों का कहना है कि इनमें पानी भरने के बाद कई दिनों तक रास्ता बंद हो जाता है। यहां पानी की निकासी का प्रबंध करना चाहिए। जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि शहर में पानी निकासी के लिए और बाढ़ बचाव के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। तीन जगह कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। सोमवार से इनमें वर्किंग शुरू हो जाएगी। नालों, ड्रेन और सीवर लाइनों की सफाई के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए यह कार्य कराया जाएगा। जल्द ही ड्रेनों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

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Posted By: Jagran

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