जागरण संवाददाता, कैथल: दसवीं के परीक्षा परिणाम के संशोधन में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की गफलत का शिकार हुई छात्राएं सड़कों पर उतर आई। पहले जो छात्राएं प्रथम श्रेणी में पास थीं, तीन घंटे बाद दोबारा डाले गए रिजल्ट में वे फेल दिखाई गई। इस उल्टफेर से सदमे में आई राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सात छात्राएं सुबह साढ़े सात बजे पिहोवा चौक पर धरने पर बैठ गई। स्कूल की छुट्टी के बाद दो बजे सैकड़ों की तादाद में शहर की सड़कों पर उतरकर बेटियों ने जाम लगा दिया।

सुबह सात छात्राएं सीमा, खुशी, ज्योति, मुस्कान, संतोष, रामभतेरी और ज्योति ने हाथों में नारे लिखी हुई तख्तियां लेकर पिहोवा चौक पर गांधीगिरी शुरू की। छात्राओं के धरने की सूचना मिलने पर थाना शहर प्रभारी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाकर स्कूल भेज दिया। बता दें कि इस स्कूल की 250 छात्राओं में से 249 ने परीक्षा दी थी, जिनमें से महज 72 छात्राएं पास हुई हैं।

दोपहर दो बजे बड़ी तादाद में छात्राएं करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल से पिहोवा चौक पहुंची। उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर चारों तरफ से सड़कें जाम कर दी। उन्होंने कहा कि उनके पेपर बहुत अच्छे हुए थे और उस के अनुसार पहले नतीजे भी सही घोषित किए गए। दोबारा जो परिणाम जारी किया, उसमें गड़बड़ी की गई ह, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है।

पूरे एक वर्ष की मेहनत के बाद आज इतने बुरे परिणाम की कल्पना करना भी मुश्किल है। सरकार जिस बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के अभियान को सफल बनाने में जुटी है, वह आज उन्हें खुद ही असफल होता दिख रहा है। छात्राओं ने कहा कि पेपर निरीक्षकों की खामियों का बोझ अगर उन्हें दोबारा अगले साल उठाना पड़ा तो वे गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगी, क्योंकि वे अपने सपने को साकार करना चाहती हैं।

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शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

छात्राएं करीब एक घंटे तक भीषण गर्मी में भिवानी बोर्ड और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करती रही। वे रो-रो कर अपनी पढ़ाई की दुहाई दे रही थी। छात्रा सोनिया ने कहा कि उसकी मां ने उसे कह दिया है कि वह अब उसे आगे नहीं पढ़ा सकती। एक छात्रा ने बताया कि वह चार बहनें हैं और उसके पिता को लकवा है। मां की चूल्हा-चौका करके उन्हें पाल रही है। संशोधित नतीजों में बोर्ड ने उसे फेल कर दिया है। पहले वह प्रथम श्रेणी में पास थी। टीचर री-चे¨कग के फार्म भरने की बात कह रहे हैं, जिसके लिए 900 रुपये लगते हैं। वह यह राशि देने की स्थिति में नहीं हैं।

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निश्शुल्क कराएंगे चे¨कग

जाम की सूचना पाकर तहसीलदार राकेश, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा, उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर ¨सह सिरोही मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को आश्वासन दिया कि वे बोर्ड के अधिकारियों से बात करके उनके पेपरों की निश्शुल्क री-चे¨कग कराएंगे। उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होंने देंगे।

Posted By: Jagran

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