जागरण संवाददाता, कैथल : जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण (डीआरडीए) में दो करोड़ रुपये घोटाले के मास्टर माइंड इंद्रजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित नकली डीएसपी बनकर जीरकपुर में लोगों को ठगने में लगा हुआ था। आरोपित लोगों को हरियाणा पुलिस से सस्पेंड हुआ डीएसपी होने की बात कहता था।

आरोपित 20 युवकों को बिजली निगम व अन्य विभागों में नौकरी लगवाने की बात कहते हुए नियुक्ति पत्र भी दे चुका था। लोगों की शिकायत पर जीरकपुर पुलिस ने एक होटल से आरोपित को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के लिए आरोपित का कोर्ट से रिमांड लेकर पुलिस जांच में जुट गई है। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर कैथल पुलिस भी सक्रिय हो गई है। घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद आरोपित कई सालों से फरार चल रहा था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था। सिविल लाइन थाना पुलिस में आरोपित के खिलाफ केस दर्ज है।

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एक करोड़ 80 लाख के

घोटाले की बात स्वीकारी

पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह कैथल का रहने वाला है। एडीसी कार्यालय में वह क्लर्क की नौकरी करता था। वर्ष 2011-12 में उसने डीआरडीए विभाग में एक करोड़ 80 लाख का गोलमाल किया था। कैथल से जुड़ा हुआ मामला सामने आने के बाद जीरकपुर पुलिस ने कैथल पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस ने आरोपित से संबंधित पूरी जानकारी जीरकपुर पुलिस को उपलब्ध करवाई। कैथल पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपित कोर्ट से भगोड़ा है। लंबे समय से पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

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एक डीएसपी सहित पांच आइएएस अधिकारियों का नाम आया था सामने

डीआरडीए में करोड़ों के घोटाला का खुलासा उस समय के एडीसी दिनेश यादव ने किया था। आरोपित इंद्रजीत ¨सह के खिलाफ 28 अप्रैल 2012 में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जब घोटाले की जांच की गई तो सामने आया कि आरोपित चैक में भरी गई राशि पर अधिकारियों के हस्ताक्षर करवाते हुए बाद में उक्त राशि के आगे शून्य लगाते हुए सैकड़ों या हजारों की राशि को लाखों में बदल देता था। चैकों पर हस्ताक्षर भी तब करवाता था जब अधिकारी कार्यालय से किसी काम के लिए जाने की जल्दी में हो या ऑफिस बंद करने का समय हो। करोड़ों रुपये की राशि हड़पने के मामले में जब भुगतान की राशि का खाता कार्यालय की कैशबुक व वाउचर बुक से नहीं मिला तो एक जांच कमेटी गठित की गई। जिसमें सामने आया कि उक्त कर्मचारी ने हस्ताक्षर किए गए चैकों के साथ छेड़छाड़ करते हुए फर्जीवाड़ा किया है। निर्धारित राशि से अधिक की राशि बैंकों से निकलवाते हुए उक्त राशि आरोपित ने हड़प ली।

वर्जन

हरियाणा पुलिस का डीएसपी बनकर आरोपित युवकों को हरियाणा में बिजली निगम व अन्य विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे हड़प रहा था। शिकायत मिलने के बाद आरोपित को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपित ने डीआरडीए में घोटाले की बात भी स्वीकार की है। पांच आइएएस अधिकारियों के शामिल होने की भी बात कही। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। कई अन्य खुलासे होने की भी उम्मीद है।

- अजीत ¨सह, एएसआइ जांच अधिकारी, जीरकपुर पुलिस, पंजाब।

वर्जन

डीआरडीए घोटाले का आरोपित कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फरार चल रहा था। कोर्ट ने आरोपित को वर्ष 2017 में भगोड़ा करार दिया हुआ था। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही थी। जीरकपुर में गिरफ्तारी होने की जानकारी मिली है। कोर्ट से वारंट जारी करवा आरोपित को गिरफ्तार करते हुए कैथल लाया जाएगा।

- सत्यवान, एएसआइ, सिविल लाइन थाना पुलिस, कैथल।

By Jagran