जागरण संवाददाता, कैथल : फलों का राजा कहे जाने वाले आम का सीजन अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ है और दुकानों व रेहड़ियों पर आम पहुंच गए हैं। मई के अंत तक व जून के शुरू में सीजन आता है, लेकिन इससे पहले ही आम मार्केट में पहुंच गया है। अब जो आम आ रहे हैं दिखने में वे पके और चमकदार लगते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे व शरीर के लिए नुकसानदायक साबित होते हैं। मसालों से तैयार आम खाने से शरीर में पेट दर्द, दस्त व दूसरी बीमारियां अपना घर बना सकती हैं।

मसालों से तैयार आम की जांच करने के लिए कोई अधिकारी जहमत नहीं उठा रहे हैं। रोजाना करीब 100 से 120 क्विंटल आम लोग खरीद रहे हैं। आम के रेट भी इस समय 80 से 100 रुपये किलो तक हैं। जब ठीक से सीजन शुरू हो जाता है तो रेट भी 40 से 50 रुपये किलो तक हो जाते हैं। आम को पकाने के लिए ज्यादातर कैल्शियम कार्बाइड का प्रयोग किया जाता है जो शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।

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इस तरह करें मसालों से

पके आम की पहचान

आम की ज्यादातर किस्मों के पकने का सीजन मई के अंत या जून के शुरू में होता है। इससे पहले बिल्कुल पीले आम कार्बाइड से पके हो सकते हैं। हर किस्म का आम अपनी खुशबू लिए पहचाना जाता है, लेकिन मसालों से तैयार आम में खुशबू कम हो जाती है। पकाए गए आम का छिलका बाहर से पिला होगा, लेकिन अंदर से आम कच्चा होगा। ऐसे आम में सूखापन होगा और जूस भी कम होगा। जब भी आम खरीदें उसकी अच्छी तरह से पहचान कर लेनी चाहिए।

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Posted By: Jagran

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