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उल्लास साक्षरता योजना में कैथल ने मारी बाजी, 87% निरक्षरों को बनाया साक्षर; सिरसा और नूंह पिछड़े

Published: Wed, 19 Aug 2026 06:00 AM (IST)

कैथल जिले ने उल्लास-नव भारत साक्षरता योजना में हरियाणा में पहला स्थान प्राप्त किया है, जहाँ 87% निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य पूरा किया गया है।

उल्लास साक्षरता योजना में कैथल ने मारी बाजी। फाइल फोटो

उल्लास साक्षरता योजना में कैथल ने मारी बाजी। फाइल फोटो

HighLights

  1. कैथल ने उल्लास साक्षरता योजना में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

  2. जिले ने 87% निरक्षरता उन्मूलन लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया।

  3. सिरसा और नूंह जैसे जिले लक्ष्य प्राप्त करने में काफी पिछड़े।

राजिंद्र तंवर, कैथल। निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए चलाई जा रहीउल्लास-नवभारत साक्षरता योजना में कैथल ने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया है। गत 10 अगस्त तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार कैथल में निर्धारित लक्ष्य का 87 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सिरसा और नूंह पिछड़ गए हैं।

सिरसा में सिर्फ 33 प्रतिशत और नूंह में 35 प्रतिशत लक्ष्य हासिल पूरा हो पाया है। कैथल में पोर्टल पर कुल 50,783 शिक्षार्थियों का पंजीकरण किया गया है, जबकि 48,308 शिक्षार्थी अंतिम मूल्यांकन परीक्षा (एफआइएनएटी) में शामिल हो चुके हैं। निर्धारित लक्ष्य 55,630 के मुकाबले अब केवल 7,322 शिक्षार्थियों का अंतर रह गया है। जबकि निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 4,847 शिक्षार्थियों का पंजीकरण अभी किया जाना बाकी है।

50783 शिक्षार्थियों को उल्लास पोर्टल पर पंजीकृत 

जिला नोडल अधिकारी छत्रपाल ने बताया कि कैथल ने प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में सबसे बेहतर प्रगति दर्ज की है। निर्धारित लक्ष्य में से करीब 13 प्रतिशत शेष है। कैथल राज्य में पहले स्थान पर है।

10 अगस्त तक कैथल में विभिन्न सत्रों के दौरान कुल 50,783 शिक्षार्थियों को उल्लास पोर्टल पर पंजीकृत किया गया। इनमें वर्ष 2023-24 में 16,937, वर्ष 2024-25 में 30,947, वर्ष 2025-26 में 2,806 तथा वर्ष 2026-27 में 93 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ है।

कैथल में अब तक आयोजित विभिन्न चरणों की अंतिम मूल्यांकन परीक्षाओं में कुल 48,308 शिक्षार्थी शामिल हो चुके हैं। इनमें 22 सितंबर 2024 को 21,508, 30 मार्च 2025 को 15,144, 28 सितंबर 2025 को 6,104 और 15 मार्च 2026 को 5,552 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इससे स्पष्ट है कि पंजीकरण के साथ-साथ शिक्षार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया से जोड़ने में भी जिले ने बेहतर काम किया है।

प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति

गत 10 अगस्त की रिपोर्ट में कैथल के बाद कुरुक्षेत्र का शेष लक्ष्य 15 प्रतिशत, अंबाला का 20 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करना बाकी है। इसी तरह रोहतक का 22 प्रतिशत, चरखी दादरी और पंचकूला का 24-24 प्रतिशत शेष है।

भिवानी में 30, गुरुग्राम में 31, सोनीपत में 36 और महेंद्रगढ़ में 37 प्रतिशत लक्ष्य पर काम करना है। हिसार में 38 प्रतिशत, करनाल में 42, पानीपत में 44, रेवाड़ी व झज्जर में 46-46 प्रतिशत और जींद व पलवल में 48-48 प्रतिशत लक्ष्य बाकी है। यमुनानगर में 49 प्रतिशत, फतेहाबाद में 57, फरीदाबाद में 59, नूंह में 65 और सिरसा में 67 प्रतिशत लक्ष्य शेष है।

प्रदेश का लक्ष्य 10 लाख

प्रदेश के लिए उल्लास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026-27 में कुल 10 लाख निरक्षरों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 10 अगस्त तक प्रदेश में 6,88,423 शिक्षार्थियों का पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका था, जबकि 5,84,537 शिक्षार्थी अंतिम मूल्यांकन में शामिल हो चुके हैं। प्रदेश स्तर पर अभी 4,15,463 का लक्ष्य पूरा करना यानि 42 प्रतिशत शेष है।

यह है उल्लास योजना

उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे लोगों को पढ़ना-लिखना और रोजमर्रा की आवश्यक गणना का ज्ञान देना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। इसके साथ ही शिक्षार्थियों को दैनिक जीवन में उपयोगी जानकारी और आवश्यक कौशल से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उल्लास के जिला नोडल अधिकारी छत्रपाल ने बताया कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर महिला-पुरुषों और बुजुर्गों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी ज्ञान भी प्रदान किया जाता है।

कार्यक्रम के तहत शिक्षार्थियों को फाइनल असेसमेंट में तीन अनिवार्य विषयों की परीक्षा देनी होती है। इनमें आधारभूत हिंदी पठन-लेखन, अंकगणित और जीवन कौशल से जुड़े विषय शामिल हैं।

अथक मेहनत से हासिल किया लक्ष्य : प्रमोद

जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि जिले में अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और अन्य संबंधित कर्मचारियों ने टीम भावना के साथ लगातार कार्य किया। वहीं उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में अधिक से अधिक निरक्षर लोगों को कार्यक्रम से जोड़कर उन्हें साक्षर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।