विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा के कैथल में स्वास्थ्य विभाग को मिले 30 नए डॉक्टर, 18 ने किया ज्वाइन

Published: Wed, 16 Sep 2026 03:53 PM (IST)

कैथल जिले के स्वास्थ्य विभाग को 30 नए चिकित्सक मिले हैं, जिनमें से 18 ने कार्यभार संभाल लिया है। इससे ...और पढ़ें

कैथल में स्वास्थ्य विभाग को मिले 30 नए डॉक्टर (फाइल फोटो)

कैथल में स्वास्थ्य विभाग को मिले 30 नए डॉक्टर (फाइल फोटो)


HighLights

  1. जिले को 30 नए चिकित्सक मिले, 18 ने ज्वाइन किया।

  2. हड्डी, नेत्र रोग विशेषज्ञ और सर्जन ने कार्यभार संभाला।

  3. रिक्त पदों से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को राहत मिली।

सुरेंद्र सैनी, कैथल। जिले वासियों के लिए अच्छी खबर है। स्वास्थ्य विभाग में पिछले करीब सात-आठ सालों से रिक्त पड़े चिकित्सकों के पद अब भरने लगे हैं। विभाग को 30 नए चिकित्सक मिले हैं, इनमें से अब तक 18 चिकित्सकों ने नौकरी ज्वाइन कर ली है। मुख्य तौर पर हड्डी रोग विशेष डा. अक्षय ने नागरिक अस्पताल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. रक्षा व सर्जन अखिल बूरिया ने कलायत सीएचसी में ज्वाइन किया है।

नागरिक अस्पताल में 1600 से 1700 मरीजों की ओपीडी

जिले में एक नागरिक अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। नागरिक अस्पताल में 1600 से 1700 तो पीएचसी व सीएचसी में 3000 से 3500 मरीजों की ओपीडी है।

नागरिक अस्पताल में इन दिनों हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सर्जन, त्वचा रोग व गला-नाक-कान रोग विशेषज्ञ एक-एक है, वहीं दिल, मनोरोग, किडनी रोग विशेषज्ञ एक भी चिकित्सक नहीं है।

गायिनी के पांच में से दो चिकित्सक ही कार्यरत हैं, जबकि जरूरत सभी पदों पर चिकित्सक की है। यहां बेड भी कम है। बीमारियों के चिकित्सक न होने के कारण लोगों को दिक्कत आ रही है। एक से दो घंटे तक ओपीडी में लंबी कतारों में लगने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जिले में 144 सब हेल्थ केंद्र, 45 सीएचसी ही कार्यरत

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 144 सब हेल्थ केंद्र स्थापित हैं। इनमें से 45 सीएचओ ही कार्यरत हैं। कुल 100 सीएचओ मिले थे, इनमें से अब तक 55 सीएचओ नौकरी छोड़ चुके हैं।

इसी तरफ से छह हेल्थ वैलनेस सेंटर हैं, इनमें से पांच में ही चिकित्सक कार्यरत हैं, एक सेंटर बिना चिकित्सक के चल रहा है। वहीं गांव में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए प्रसूता केंद्र खोले गए हैं, इनमें ये सभी स्टाफ के

भरोसे चल रहे हैं, यहां चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं।

  • सरकारी सेवाओं से नौकरी छोड़ने का ये रहता है कारण
  • चिकित्सकों पर बढ़ता काम का बोझ
  • चिकित्सा कार्य के साथ-साथ दूसरे कार्यों में ड्यूटी लगाना
  • घर से दूर चिकित्सकों को ड्यूटी करने के लिए जाना
  • ओपीडी में चिकित्सकों से मारपीट के मामले बढ़ना।

जिले को मिले 30 नए चिकित्सक, 18 ने ज्वाइन किया: सीएमओ

जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि जिले को 30 नए चिकित्सक मिले हैं, इनमें से अब तक 18 चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया है। जीएच में एक चिकित्सक व अन्य चिकित्सकों ने ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में ज्वाइन किया है। अन्य शेष चिकित्सक भी जल्द ज्वाइन कर लेंगे। नए चिकित्सक मिलने से लोगों को फायदा होगा।