संवाद सहयोगी, धनौरी : मूसलाधार बरसात, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने कृषि क्षेत्र में बड़ी तबाही मचाई है। गेहूं, सब्जी और पशुचारे के खेतों सहित सैंकड़ों एकड़ कृषि रकबे में फसले नष्ट हो गई। खेड़ी लांबा, कुराड़, दुब्बल, ढुंढवा, कौलेखां, कोयल के साथ-साथ कलायत क्षेत्र मौसम के बिगड़े मिजाजों की गिरफ्त में रहा। 26 जनवरी को करीब 6 बजे ओलावृष्टि की तेज आवाज ने किसानों की धड़कने तेज कर दी। बरसात ने धरती पुत्रों को खून के आंसू रुला दिया है। मेहनतकश वर्ग इस उम्मीद में था कि इस बार फसल का बेहतर उत्पादन होगा। समय से पहले जिस तरह मौसम ने अपना रंग बदला उसने किसानों के चेहरे की रौणक उड़ा दी। राष्ट्रीय खिलाड़ी रिमान, दर्शन ¨सह, ओमप्रकाश, कर्मवीर ¨सह, साहब ¨सह और दूसरे किसानों ने बताया कि मौसम ने जो तेवर दिखाएं उससे कृषि क्षेत्र पर बेहद विपरीत प्रभाव पड़ा है। फसले जमीन पर लेट गई हैं। इन परिस्थितियों में उम्मीद के अनुरूप उत्पादन नहीं हो पाएगा। किसान पहले से ही आíथक संकट झेल रहा है। ऋण का भार सिर पर उठाकर कृषि को मुनाफे का सौदा बनाने के प्रयास फिर से बिखर गए हैं। किसान यह कयास लगा रहे थे कि धुंध और हल्की बारिश उनके लिए सौगात लेकर आएगी। मौसम विशेषज्ञ पहले ही बरसात की आहट का समाचार दे चुके थे, लेकिन राहत की बजाए ओलावृष्टि और तेज हवाएं किसानों के लिए आफत लेकर आई।

विभिन्न गांवों की पंचायतों ने क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान के दृष्टिविगत सरकार से सर्वेक्षण की मांग की है।

खेतों का निरीक्षण करने में लगी टीम:

कृषि विभाग एसडीओ डॉ.जितेंद्र अहलावत ने बताया कि टीम सिलसिलेवार खलिहानों का निरीक्षण कर रही है। एक दो दिन में ही खेतों में पानी ठहराव स्थिति के अनुरूप नुकसान का अनुमान होगा। किसान मायूस न हो। कृषि विभाग हर कदम पर उनके साथ है।

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