जागरण संवाददाता, कैथल : क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की ओर से शहर को ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया गया है। जनवरी माह में टीम ने शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की व्यवस्था देखी गई थी और रिपोर्ट को ऑनलाइन किया था। अब परिणाम घोषित हो चुका है और शहर को ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नगर परिषद को ओडीएफ प्लस होने पर 300 अंक मिल जाएंगे। इससे पहले शहर ओडीएफ था और सर्वेक्षण में 200 अंक मिलते। इस बार स्वच्छता की परीक्षा छह हजार अंकों की है। मार्च माह में सर्वेक्षण का परिणाम भी घोषित होने वाला है।

नप की ओर से सार्वजनिक स्थानों, वार्डों और मुख्य मार्गों पर प्री-फेब्रिकेटिड शौचालय रखे गए हैं। शौचालयों की देखभाल के लिए नप की ओर से अलग से ठेका दिया गया है। करीब डेढ़ लाख रुपये महीना शौचालयों की साफ-सफाई पर खर्च किए जाते हैं।

दस शौचालयों का किया था निरीक्षण

सर्वे करने आई टीम ने शहर में दस स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया था। इनमें से सात स्थानों पर शौचालय साफ पाए गए थे। एक शौचालय इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन गंदगी फैली हुई थी। एक शौचालय बिल्कुल साफ था और एक शौचालय की स्थिति ठीक-ठाक थी। ये शौचालय पब्लिक एरिया, ट्रांसपोर्ट एरिया, स्कूल और मुख्य मार्गों पर चेक किए गए थे।

प्रशासन के सहयोग से हो पाया संभव

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शहर को ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से यह संभव हो पाया है। शहर की स्वच्छता रैंकिग सुधारने में ओडीएफ प्लस होने का अहम योगदान होगा।

Posted By: Jagran

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