जागरण संवाददाता, कैथल :

जिलेभर में चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पड़े पदों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल में पीएमओ का पद लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है, वहीं डिप्टी सिविल सर्जन के आठ में से सात पदों पर चिकित्सा अधिकारी नहीं हैं। एसएमओ के छह पदों में से पांच पद खाली हैं, इस कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रिक्त पद होने के कारण एक चिकित्सा अधिकारी पर कई-कई योजनाओं का कार्यभार सौंपा गया है। काम का बोझ अधिक होने के कारण चिकित्सकों का सरकारी सेवाओं से मोह भंग होने का यह मुख्य कारण है।

बिना एसएमओ के चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

जिले भर में सीवन सीएचसी को छोड़कर अन्य सभी केंद्र बिना चिकित्सा अधिकारी के चल रहे हैं। गुहला से एसएमओ का तबादला होने के बाद वहां भी पद रिक्त हो गया है। इसके साथ-साथ पूंडरी, कलायत, कौल, राजौंद में एसएमओ का पद रिक्त पड़ा हुआ है। इसी तरह छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहां लंबे समय से मेडिकल ऑफिसर नहीं है। इन केंद्रों का कार्यभार दूसरे केंद्रों में कार्यरत चिकित्सकों को दिया गया है।

डिप्टी सिविल सर्जन व एसएमओ

के इतने पद रिक्त

पद - स्वीकृत पद- कार्यरत- रिक्त पीएमओ 01 कार्यभार सौंपा गया है 01

डिप्टी सिविल सर्जन 08 01 07

एसएमओ 06 01 05

सिविल अस्पताल में 05 04 01

मेडिकल ऑफिसर 55 18 27

पूंडरी सीएचसी में एमओ 06 03 03 बाक्स- उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट

सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि रिक्त पड़े पदों को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी रिक्त पदों पर नियुक्त होगी। सरकार की तरफ से जो भी योजनाएं जनहित के लिए चलाई जा रही हैं, उनका लाभ हर व्यक्ति को मिले इसके लिए विभाग में कार्यरत स्टाफ गंभीरता काम कर रहा है।

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Posted By: Jagran