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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरेआम चल रहे अवैध बूचड़खाने

By JagranEdited By:
Published: Sat, 25 Mar 2017 12:12 AM (IST)

संवाद सहयोगी, गुहला चीका : शहर में पिछले कई सालों से दर्जनों अवैध बूचड़खाने चल रहे हैं

सरेआम चल रहे अवैध बूचड़खाने
सरेआम चल रहे अवैध बूचड़खाने

संवाद सहयोगी, गुहला चीका : शहर में पिछले कई सालों से दर्जनों अवैध बूचड़खाने चल रहे हैं, जिसने लोगों के नाक में दम किया हुआ है। प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान न होने से इन लोगों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि शहर की सड़क पर मीट की ऐसी दुकानें दिखाई दे जाती हैं, जिनमें सरेआम पशुओं को काटकर लटकाया जाता है। जहां ये दुकानें व खोखे हैं, वहां आसपास जगह-जगह सड़कों पर मृत जानवरों के पंख, बाल व हड्डियां बिखरी होती हैं, जिनके आसपास कुत्ते मंडराते रहते हैं और वे हड्डियों को वहां से दूर के क्षेत्र में भी ले जाते हैं।

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कोई लाइसेंस नहीं

मीट की दुकानें चलाने वाले लोगों के पास कोई लाइसेंस नहीं है और वे यहां अवैध रूप से अपना कारोबार तो किए हुए हैं। वहीं सरकारी फीस के रूप में नगरपालिका को कुछ भी नहीं देते, जिससे नपा को हर माह आर्थिक रूप से भारी चूना लग रहा है।

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धार्मिक स्थलों के पास

भी बिक रहा मीट

सरकार के सख्त आदेश हैं कि मंदिर, धर्मशाला व स्कूल के आसपास न तो कोई शराब का ठेका होना चाहिए और न ही कोई मीट की दुकान। पटियाला रोड पर गुरुद्वारा और प्राचीन भवानी मंदिर से कुछ दूरी पर मीट की दुकानें है। इसके अलावा मीट बेचने की रेहड़ियों भी लगती हैं। प्रशासन की आंखों के नीचे यह सब कुछ हो रहा है। लेकिन संबंधित अधिकारी आंख व कान मूंद कर बैठे हुए हैं।

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खंडहर में तब्दील हुआ स्लाटर हाउस

नगरपालिका ने वर्षों पहले करोड़ों रुपयों की लागत से शहर से दूर खरौदी रोड पर एक स्लाटर हाउस (बूचड़खाना) बनाया था। इसके बाद मीट का कारोबार करने वाले दुकानदारों को आदेश दिए गए थे कि वे अपने कारोबार वहां शिफ्ट कर लें ताकि लोगों को परेशानी न हो। नगरपालिका अधिकारियों ने उस समय मीट बेचने वाले दुकानदारों के लाइसेंस भी बनवाए थे, जिसके बाद उक्त लोगों ने अपने दुकानें वहां कर ली थी।

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नवरात्रों से पहले प्रशासन करे कार्रवाई

शहर के लोगों राजा राम, मुकेश शर्मा, नरेश कुमार, दिलबाग ¨सह, कुलवंत, सुभाष शर्मा, सुरेश कुमार, पंकज व देवेंद्र कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि जब वे मंदिर अथवा गुरुद्वारा में माथा टेकने के लिए आते हैं तो भगवान के दर्शन से पहले उन्हें मीट के खोखों व रेहड़ियों के दर्शन होता हैं। नतीजतन उनकी मांग है कि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करे और नवरात्रों से पूर्व मीट की अवैध दुकानों व रेहड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद करवाए।

अवैध बूचड़खानों पर करेंगे कार्रवाई

नगरपालिका के सचिव कुलदीप मलिक ने माना कि मीट बेचने वाले लोग पूरी तरह अवैध कार्य कर रहे हैं और जहां उनकी दुकानें व रेहड़ियां लगी होती हैं। वह भी कानूनन गलत हैं, जिसके चलते एक अभियान चला कर जल्द ही उक्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।